थाना संग्रामगढ़ स्थित ग्राम इंदरिया में ईंट भट्ठा संचालक पर पांच मजदूरों को बंधक बनाने की शिकायत पर पुलिस जांच करने गई तो मामला कुछ और ही निकला। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि ईंट भट्ठा पर मौजूद मजदूर एडवांस रुपये लेने के लिए बंधक बनाने झूठा आरोप लगा रहे हैं। ईंट भट्ठा संचालक की मुंबई में बाईपास सर्जरी हुई है और लगभग डेढ़ माह से वह वहीं पर हैं।
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने डीजीपी से मिलकर जिले के पांच मजदूरों को ईंट भट्ठे पर बंधक बनाने का आरोप लगात हुए शिकायत की। डीजीपी का फोन आते ही पुलिस संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के इंदरिया में ईंट भट्ठा पर पहुंची।
चित्रकूट जिले के गौहानीकला गांव निवासी मजदूर श्रवण कोरी से मामले की जानकारी ली तो पता चला कि भट्ठा मालिक अनिल मिश्रा ने एडवांस रुपये देकर मजदूरों को बुलाया था। अनिल के बीमार होने और तीन माह से भट्ठा बंद होने से वह अब अपने घर जाने के लिए एडवांस रुपये मांग रहे हैं। श्रवण के साथ में ईंट भट्टे पर संतोष, जावेद खान, काजल देवी और चंदन भी रह रहे हैं। इन लोगों के खाने-पीने का प्रबंध भट्ठा संचालक द्वारा ही किया जा रहा है।
श्रवण का कहना है कि ईंट भट्ठा संचालक पर अभी ट्रैक्टर के सवा लाख और मजदूरों के 40,000 बकाया हैं। अनिल मिश्रा के बेटे शिवम मिश्र ने बताया कि मजदूरों को बंधक नहीं बनाया है, बल्कि वह एडवांस रुपये मांग रहे हैं। ईंट भट्ठा बंद है, ऐेसे में एडवांस मजदूरी कहां से दिया जाए।
इंदरिया में ईंट भट्ठे पर मजदूरों के बंधक बनाने का मामला सामने आने पर जांच कराई गई। किसी भी मजदूर को बंधक नहीं बनाया गया है। जिस व्यक्ति पर आरोप लगाया जा रहा है, वह डेढ़ माह से मुंबई में बाईपास सर्जरी कराने के लिए अस्पताल में भर्ती है। मजदूर एडवांस रुपये मांग रहे हैं, जिसे संचालक का बेटा देने को तैयार नहीं है। - सत्येंद्र भदौरिया, एसओ, संग्रामगढ़