नाला में गिरने से बची स्कूली बस
पुल की रेलिंग में फंसी, मानधाता के ऊदापुर में बच्चों को लेकर जाते समय हादसा
शहर में स्कूली बच्चों से भरे टेंपो में मैजिक ने मारी टक्कर, आधा दर्जन चुटहिल
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। बेल्हा में नौनिहालों की जान से स्कूल संचालक खिलवाड़ कर रहे हैं। शहर में जहां स्कूली बच्चों को लेकर जा रहे टेंपो में मैजिक ने सामने से टक्कर मार दी, जेठवारा में बच्चों को लेकर जा रही स्कूली बस बोलेरो को पास देने के दौरान बेकाबू होकर नाले में गिरने से बची। गनीमत रही कि बस पुल की रेलिंग में फंसकर रुक गई। जिससे बड़ा हादसा नहीं हुआ।
बेल्हा में स्कूल जाने वाले बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ हो रहा है। बुधवार को शहर के न्यू कालोनी बाबागंज स्थित समरफील्ड स्कूल के छात्र-छात्राओं को लेकर एक टेंपो निर्मल तिराहे के पास पहुंचा। तभी सामने से आ रही मैजिक डाला ने उसे सामने से टक्कर मार दिया। जिससे टेंपो में सवार आधा दर्जन छात्र चुटहिल हो गए। यह देख वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। तत्काल घायल बच्चों का प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराया। इसके बाद घर भेज दिया। दूसरी ओर जेठवारा रोड पर स्थित सिटी पब्लिक स्कूल की बस बुधवार की सुबह क्षेत्र के 45 छात्र-छात्राओं को लेकर निकल रही थी। जब बस ऊदापुर के करीब नाले के पास पहुंची। तभी सामने से आ रहे बोलेरो पुल पर आ गई। उसे पास देने के चक्कर में चालक ने बस से नियंत्रण खो दिया। इसके कारण बस का बायां पहिया नाले के पुल की रेलिंग के पार होते हुए आगे बढ़ गया। बस रुकते-रुकते काफी आगे तक निकल गई थी। बस में सवार स्कूली बच्चे रोने लगे। चालक ने संयम का परिचय दिया। तब तक आसपास के लोगों के शोर मचाने पर गांव के लोग दौड़ पड़े। ग्रामीणों की मदद से बच्चों को चालक वाले गेट व खिड़कियों से बाहर निकाला गया। गनीमत यह रही कि बस नाले में नहीं पलटी और रेलिंग पर ही अटकी रही।
हलक में अटकी रही बच्चों की सांस
नाले के पुल की रेलिंग के बीच फंसी स्कूली बस में सवार बच्चों की घटना के बाद सांस हलक में अटकी रही। बस से निकलने के बाद बच्चे रोने लगते। जब सब बच्चे सकुशल बाहर निकाल लिए गए तो गांव के लोगों ने राहत की सांस ली। इसके बाद जानकारी स्कूल प्रबंधक को दी गई। दूसरे वाहन से बच्चों को स्कूल भेजा गया। घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्र के अभिभावक भी घटनास्थल पर पहुंचे।
दो करोड़ की चोरी, पांच लाख खर्च, बरामद सिर्फ तीन लाख का सोना
पीड़ित दुकानदार ने लगाया पुलिस पर शोषण का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
कुंडा। ज्वैलरी की दुकान से हुई दो करोड़ की चोरी के मामले में पुलिस पर चोरों को पकड़ने के लिए पांच लाख रुपये पीड़ित को खर्च करने पड़े। इतना करने के बाद एक चोर 100 ग्राम सोने के साथ पकड़ा गया। यह सोना करीब तीन लाख रुपये के आसपास का होगा। अब दुकानदार और बरामदगी के साथ ही चोरों को पकड़ने के लिए कोतवाली के चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसकी सुनी नहीं जा रही है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री, डीजीपी, डीआईजी और पुलिस अधीक्षक से इसकी शिकायत की है।
कुंडा कस्बा के खैराती रोड निवासी मो.अफजल पुत्र फरीद अहमद कुंडा में ज्वैलरी की दुकान चलाता है। उसकी दुकान में छह फरवरी की रात में चोरी हो गई थी। चोरों ने दुकान में घुसने के लिए गैस कटर का प्रयोग किया था। मोटी-मोटी चद्दरों को काटकर चोर करीब साढ़े किलो सोना उठा ले गए थे। इसमें पुलिस ने शुरुआत में तेजी दिखाई, लेकिन बाद में वह ठंडी पड़ गई। अफजल का आरोप है कि उसने चोरों को पकड़ने और सामान बरामद करने के लिए पांच लाख रुपये पुलस पर खर्च किए। इस पर पुलिस ने जिला साहेबगंज झारखंड से एक व्यक्ति को पकड़ ले आई। उसके पास से 100 ग्राम सोना भी बरामद किया गया। पांच मुल्जिम मुंबई पुलिस ने पकड़े हैं। बावजूद इसके कुंडा पुलिस ने चार माह से मामले को ठंडे बस्ते में डाल रखा है। यही नहीं आरोप है कि रिपोर्ट में उसके छोटा भाई मो.अकमल का नाम लिखा था, लेकिन उसका नाम पुलिस ने चोरों को पकड़ने के पहले ही निकाल दिया, जबकि चोरी के पीछे पूरी जानकारी व चोरी की सेटिंग में मो.अकमल का ही था। उसका आरोप है कि पुलिस लापरवाही के कारण अभी तक कोई बरामदगी नहीं हो सकी। उसका कहना है कि पुलिस तेजी से मुख्य आरोपी का नाम निकालने में ही तेजी दिखा रही है। उसने मुख्यमंत्री सहित उच्चधिकारियों से इसकी शिकायत की है।