यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा नकलविहीन कराने के लिए जिले के 367 परीक्षा केंद्रों को 85 क्लस्टर में बांटा गया है। प्रत्येक क्लस्टर के अधीन अधिक से अधिक सात परीक्षा केंद्र होंगे। सिफारिश पर पहली बार परीक्षा केंद्र बने 31 कॉलेजों में दो-दो स्ट्रेेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा नकलविहीन कराने की कमान डीएम ने अपने हाथों में ले ली है। जिले के 367 कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। सभी केंद्रों पर अधिकारी नियमित रूप से पहुंचते रहे, इसके लिए 85 क्लस्टर में बांटकर सभी विभागों के अधिकारियों को लगाया जा रहा है। एक अधिकारी को चार से सात परीक्षा केंद्रों की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। पहली बार परीक्षा केंद्र बने 31 कॉलेजों पर विशेष नजर रखने के लिए दो-दो स्ट्रेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि परीक्षा केंद्र बनाने के लिए नेताओं की शरण में पहुंचने वाले स्कूलों के संचालक नकल को अधिक प्रोत्साहन देते हैं।
इसके अलावा तहसील स्तर पर एसडीएम जोनल मजिस्ट्रेटों के अलावा तहसीलदारों, और खंड विकास अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। प्रभारी डीआईओएस आरके वर्मा ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में नकल नहीं होने पाएगी। जिम्मेदार अधिकारियों को लगाया जा रहा है, जो प्रतिदिन की रिपोर्ट से विभाग को अवगत कराएंगे।