अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम आलोक द्विवेदी की कोर्ट ने सात वर्ष की बालिका से दुष्कर्म करने के दोषी जेठवारा के दुकानदार मुरली गुप्ता को 25 वर्ष कैद कैद की सजा सुनाई। पचास हजार रुपये का अर्थदंड भी दिया।अन्य आरोपी मुन्ना व नंचू को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
वादी मुकदमा के अनुसार 10 सितंबर 2019 की शाम उसकी बेटी गांव में ही दुकान पर घर का सामान खरीदने गई। दुकानदार मुरली गुप्ता ने दो अन्य आरोपियों की मदद से वादी की बेटी के साथ दुष्कर्म किया।
मामले की जानकारी होने पर मुख्य आरोपी के सहयोगियों ने वादी को जान से मारने की धमकी दी थी। इस मामले में राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक देवेश चंद्र त्रिपाठी व अशोक त्रिपाठी ने पैरवी की।