ग्यारह विद्युत उपकेंद्रों की बढ़ाई जाएगी क्षमता
विभाग ने चिह्नित किए उपकेंद्र, जल्द होगी उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि
दूर होगी सैकड़ों गांवों की लो वोल्टेज की समस्या, पैनल व फीडर फुंकने से मिलेगी निजात
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। पैनल फुंकने व फीडर जलने की समस्या से जल्द ही उपभोक्ताओं को निजात मिलेगी। सैकड़ों गांवों को लो वोल्टेज की समस्या से भी छुटकारा मिलेगा। विद्युत विभाग ने जिले के 11 उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि की तैयारी शुरू कर दी है। बजट स्वीकृत हो चुका है। जल्द ही क्षमता वृद्धि का कार्य शुरू होगा। जिले में चार विद्युत वितरण पारेषण खंड है। रानीगंज, कुंडा, लालगंज व सदर। इसके तहत 67 उपकेंद्र हैं। जिले के अधिकांश ऐसे उपकेंद्र है जिनका संचालन आजादी के जमाने के पैनलों से हो रहा है। फीडर भी बदहाल हो चले हैं। इसके अलावा उपकेंद्र क्षमता से अधिक लोड झेल रहे हैं। जिससे आए दिन पैनल फुंक ने की समस्या बनी रहती है। पैनल फुंकने से आपूत में सबसे ज्यादा दिक्कत आया करती है। इसके अलावा फीडर भी जवाब देते रहते हैं। लो- वोल्टेज की समस्या अधिकांश क्षेत्रों में इतनी अधिक है कि बिजली आने के बाद भी गांवों में लगे बल्ब जुगनू की तरह जलते हैं। इधर, सौभाग्य योजना के तहत जिले में एक लाख से अधिक कनेक् शन वितरित किए जाने से समस्या और बढ़ गई है। मगर राहत भरी बात यह है कि विभाग अब इस समस्या को दूर करने की योजना बनाई है। जिले के बदहाल उपकेंद्रों चिह्नित किया है। करीब दर्जनभर उपकेंद्र ऐसे मिले हैं, जहां क्षमता वृद्धि की आवश्यकता समझी गई। विभाग ने इनकी सूची तैयार कर क्षमता वृद्धि का प्रस्ताव बनाकर भेजा था। जिले के कुंडा, रानीगंज, पट्टी, सदर व लालगंज क्षेत्र के दर्जनभर उपकेंद्र की क्षमता वृद्धि के लिए रास्ता साफ हो गया है। अधीक्षण अभियंता एसके सिंह ने बताया कि कहीं पांच प्लस तो 10 एमबीए आवश्यकता के अनुरूप की जाएगी। इससे बिजली व्यवस्था बेहतर हो जाएगी।