विशेष न्यायाधीश पाक्सो अधिनियम पंकज कुमार श्रीवास्तव ने नाबालिग का अपहरण कर दुराचार के आरोप में मानधाता के शेखनपुर गांव के फकरे आलम उर्फ फकई को दोषी पाते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। कोर्ट ने अर्थदंड की राशि पीड़िता को उसके मानसिक एवं चिकित्सकीय आघात की पूर्ति व पुनर्वास के लिए देने को कहा है।
वादी मुकदमा के अनुसार उसकी 16 वर्षीय बेटी 15 नवंबर 2014 को घर से बैंक जानकारी देकर निकली, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल रहा था। काफी खोजबीन की तो पता लगा कि आरोपी फकरे आलम उर्फ फकई, शाहरुख , उसकी माता सबरून, बहन आफरीन व नवरीन ने अपहरण किया है। वादी आरोपी के गांव पहुंचकर अपनी बेटी को वापस लेने गई थी तो उसे जान से मार देने की धमकी दी गई थी। पुलिस द्वारा मात्र फकरे आलम के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया।
कोर्ट में पीड़िता, पीड़िता के पिता , डॉक्टर, प्रधानाचार्य, विवेचक को गवाही भी कराई गई। पीड़िता ने कोर्ट को बताया कि जब ननिहाल जाती थी तो आरोपी फकरे आलम मिलता था। फकरे आलम ने खेत में बंदूक दिखाकर उसके साथ दुराचार किया था। उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी। आरोपी ने पीड़िता को करीब पंद्रह दिन तक गैर जनपद में रखा और उसके साथ दुराचार किया था। इस मामले में राज्य की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक प्रदीप कुमार पांडेय व निर्भय सिंह ने की।