लोकसभा चुनाव में प्रभावशाली लोगों की दबंगई के चलते कुछ मतदाता अपने घरों से मत देने नहीं निकल पाते। प्रशासन ने ऐसे 176 बूथों को वल्नरेबल व 582 मतदेय स्थलों को क्रिटिकल घोषित करते हुए इन क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का निर्णय लिया है।
लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने मतदेय स्थलों की मैपिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसमें कुल 176 बूथों और 654 व्यक्तियों को वल्नरेबल घोषित किया गया है।
इसी के साथ 582 मतदेय स्थलों को क्रिटिकल श्रेणी में रखा गया है। इन मतदेय स्थलों के साथ व्यक्तियों की निगरानी के लिए कड़े इंतजाम किए जाएंगे, ताकि मतदान के दिन कोई व्यवधान न उत्पन्न हो सके। मतदान प्रभावित करने के लिए मतदाताओं को रोकने वालों पर पुलिस व प्रशासन की नजर रहेगी।
लोकसभा वर्ष 2019 के चुनाव में 1665 मतदान केंद्र और 2616 बूथ थे। इस बार इनकी संख्या बढ़कर 1671 मतदान केंद्र और 2812 बूथ हो गए हैं। प्रतापगढ़ व कौशाम्बी लोकसभा क्षेत्र में जिला प्रशासन व पुलिस की संयुक्त टीमों ने मतदेय स्थलों की मैपिंग की थी, जिसमें वल्नरेबल व क्रिटिकल बूथ सामने आए हैं।
लोकसभा चुनाव के लिए क्रिटिकल एवं वल्नरेबल के आधार पर मतदान केंद्र, स्थल, मोहल्लों व व्यक्तियों को चिह्नित कर लिया गया है। यहां सुरक्षा के इंतजाम के साथ संबंधित व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी की जाएगी।
- सतपाल अंतिल, पुलिस अधीक्षक