खतौनी गायब होने की रात साढ़े दस बजे खोला गया चकबंदी कार्यालय
लेखपाल संघ ने उठाए सवाल, उच्च स्तरीय जांच की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
सांगीपुर।
नरायनपुर गांव की आधार वर्ष खतौनी गायब होने के मामले में एसीओ, लेखपाल, पेशकार व चेनमैन की भूमिका पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। चकबंदी कार्यालय पर लेखपाल संघ की बैठक में यह मामला गंभीरता से उठाया गया। इसमें सवाल किया गया कि जिस दिन खतौनी गायब होने की बात कही जा रही है, उसी रात साढ़े दस बजे दूसरे हल्के के लेखपाल व चेनमैन की मौजूदगी में एसीओ द्वारा कार्यालय क्यों खोला गया? दूसरे दिन लेखपाल से वही एसीओ खतौनी मांग रहा है। चकबंदी लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष रमेश यादव द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि नरायनपुर गांव की आधार वर्ष खतौनी एसीओ राधेश्याम गुप्ता, एसीओ मृत्युंजय श्रीवास्तव, चकबंदी लेखपाल कफील अहमद, व राजेश सिंह, पेशकार रामललन दूबे, चेनमैन नवीन चंद्र श्रीवास्तव के बीच गायब की गई है। यही नहीं लेखपाल संघ ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा गया कि यदि लेखपाल दोषी है तभी कार्रवाई होनी चाहिए अन्यथा जो दोषी हो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। बताते चलें कि लालगंज तहसील का नरायनपुर गांव चकबंदी प्रक्रिया के अंतर्गत है। नरायनपुर गांव की चकबंदी अंतिम दौर में है। कुछ ही दिन बाद चकबंदी समाप्ति की कार्यवाही होना है। इसी बीच बीते मंगलवार को चकबंदी कार्यालय से संदिग्ध परिस्थितियों में नरायनपुर गंाव की आधार वर्ष खतौनी गायब हो गई। मामले में नरायनपुर गांव के लेखपाल अनीसुल से गुमशुदगी की तहरीर थाने में दिलवाई गई।