जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला न्यायालय परिसर और तहसील न्यायालयों में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की गई। इसमें 1,44,306 वादों का निस्तारण किया गया, जबकि लोक अदालत के लिए 1.30 लाख मामले चिह्नित किए गए थे। वहीं फौजदारी वादों से 7.33 लाख रुपये, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति वादों में बीमा कंपनियों से 1.87 करोड़ रुपये प्रतिकर पीड़ितों का दिलाया गया। साथ ही बैंकों और बकायेदारों के मध्य बकाया ऋण 9.3 करोड़ रुपये तथा बीएसएनएल वादों में 36792 रुपये का समझौता हुआ।
लोक अदालत में फौजदारी के 5130, एनआई एक्ट के नौ, विद्युत वाद 215, मोटर दुर्घटना के 32वाद, 52 वैवाहिक वाद, 104 सिविल वाद, 1041 बैंक ऋण, 15 बीएसएनएल, कलक्ट्रेट प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा 120040 मामले, यातायात विभाग के 17660 वाद एवं उपभोक्ता आयोग के छह वाद एवं स्थायी लोक अदालत के दो वादों का निस्तारण हुआ।
न्यायालय सभागार में मुख्य अतिथि प्रशासनिक न्यायमूर्ति इलाहाबाद हाईकोर्ट नीरज तिवारी ने परिवार न्यायालय में निस्तारित मामलों के दंपती से मुलाकात की। उन्हें मिठाई खिलाई। कहा कि लोक अदालत में मामले सुलह-समझौते से खत्म हो जाते हैं। लोक अदालत के सफल आयोजन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष, सचिव समेत अन्य न्यायिक अफसरों एवं कर्मियों को बधाई दी। साथ ही हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दीं।
जिला जज अब्दुल शाहिद ने शनिवार सुबह लोक अदालत का शुभारंभ किया। उन्होंने सभी को राष्ट्रीय हिंदी दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि जिला न्यायालय में 90 फीसदी निर्णय हिंदी में ही होते हैं। इससे वादकारियों को न्यायिक निर्णय समझने में सुलभता होती है। साथ ही बताया कि लोक अदालत में मामलों के निस्तारण में प्रदेश में जिले का 10वां स्थान प्राप्त हुआ। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश सुरेश चंद्र आर्या, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी दिवाकर प्रसाद चतुर्वेदी, एडीजे प्रथम एहसानउल्लाह खान, एडीजे व नोडल अधिकारी लोक अदालत अजय कुमार ने अपने विचार प्रस्तुत किए। संचालन एडीजे सुमित पंवार ने किया। इस मौके पर एडीजे-दो बाबूराम, एडीजे सुनीता सिंह नागौर, विशेष न्यायाधीश स्नेहलता सिंह, स्पेशल जज हरविंदर सिंह, स्पेशल जज पारुल वर्मा व अन्य न्यायिक अफसर एवं डीजीसी योगेश शर्मा, डीजीसी राम केवल वर्मा व एडीजीसी सतीश उपाध्याय मौजूद रहे।
लोक अदालत में 177 वाद निस्तारित
लालगंज। स्थानीय सिविल न्यायालय में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। इसमें सिविल जज अरविंद सिंह ने सिविल के 13 व पांच आपराधिक मामले समेत 177 वादों का निस्तारण किया। इस दौरान 22.92 लाख रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र निर्गत किया गया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष विभाकर नाथ शुक्ल, वीरेंद्र सिंह, शैलेंद्र चतुर्वेदी, शहजाद अंसारी, पवन पांडेय, शेष तिवारी, टीपी यादव, जितेंद्र सिंह, कमलेश तिवारी आदि मौजूद रहे। संवाद