जिले में 24 घंटे के भीतर डेंगू के 13 नए मामले सामने आए हैं। सभी को जांच रिपोर्ट में डेंगू पॉजिटिव बताया गया है। अब तक डेंगू से पीड़ित 11 लोगों की मौत हो चुकी है। हैरत की बात है कि स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में एक भी मौत दर्ज नहीं की गई है।
डेंगू की जद में हर दिन लोग आ रहे हैं। संक्रमित सरकारी और निजी अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सोमवार को 24 घंटे के भीतर 13 लोगों में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई है। डेंगू से 11 और स्वाइन फ्लू से एक महिला की मौत से स्वास्थ्य विभाग अनभिज्ञता जता रहा है।
सोमवार को बुखार से पीड़ित मरीजों की ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक भीड़ रही। मरीज डॉक्टर तक पहुंचने के लिए धक्कामुक्की करते रहे। बुखार से पीड़ित कई मरीजों की जांच में डेंगू के लक्षण मिले। वहीं बुखार पीड़ितों को डेंगू की आशंका है। लोग डॉक्टर की सलाह पर सीबीसी जांच करा रहे हैं, ताकी प्लेटलेट्स की स्थिति पता चल सके। चिकित्सकों के मुताबिक बदलते मौसम में वायरल का वार लोगों को घेर रहा है।
पांच फीसदी मरीजों में डेंगू की शंका होती है। लक्षण दिखने पर उनकी जांच कराई जा रही है। सीएमओ के मुताबिक डेंगू से हुई मौत के मामलों में अभिलेखों का मिलान न होने से दर्ज नहीं हो पाई हैं। लोगों का पता प्रतापगढ़ का है, लेकिन मौत दूसरे जिलों में हुई हैं।
स्थानीय पता होने के साथ उनका स्थानीय अस्पतालों में भर्ती होना और एलाइजा जांच में डेंगू की पुष्टि आंकड़ों में दर्ज करने का आधार होता है। गैर जिलों से स्थानीय मरीज की मौत की पुष्टि संबंधी अभिलेख मिले तो उन्हें दर्ज किया जाएगा।