विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम पारुल वर्मा ने शुक्रवार को जेठवारा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी रामराज सरोज को नाबालिग से दुष्कर्म में दोषी पाते हुए 12 वर्ष कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया। राज्य की ओर से पैरवी एडीजीसी देवेश चंद्र त्रिपाठी ने किया।
जेठवारा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने बताया कि चार मई 2016 को 10 वर्षीय बेटी पूर्व प्रधान के घर उनकी बेटी व भतीजी के साथ टीवी देख रही थी। उसी समय रामराज सरोज ने बेटी की सहेलियों को 20-20 रुपये देकर घर से बाहर भेज दिया। कमरे का दरवाजा बंद कर रामराज ने उसकी बेटी के संग दुष्कर्म किया। जब वह बाजार से घर पहुंची तो बेटी को रक्तरंजित देखा। थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद दोषी रामराज सरोज को 12 वर्ष कारावास व एक लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया।