विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत प्रशिक्षण लेने वालों को मिलेगा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। जिले के विश्वकर्मा, दर्जी, हलवाई, बुनकर, सोनार, शिल्पकार, धोबी, मोची, नाई का प्रशिक्षण लेने वालों को अभी तक स्वरोजगार के लिए टूल किट दी जाती थी। अब उन्हें स्वरोजगार के लिए आर्थिक मदद भी की जाएगी। शासन के निर्देश पर स्वरोजगार के इच्छुक कारीगरों को पांच प्रतिशत ब्याज दर पर एक-एक लाख रुपये का ऋण दिया जाएगा। वरीयता उन्हें मिलेगी, जिन्होंने प्रशिक्षण हासिल किया है।
जिला उद्योग केंद्र की ओर से संचालित विश्कर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत प्रशिक्षण के बाद टूल किट लेने वालों को सूचीबद्ध किया है। ऐसे कारीगरों सामने स्वरोजगार शुरू करने के दौरान पूंजी नहीं होने की समस्या अधिक थी। शासन ने इस समस्या को दूर करने का हल निकाल लिया है। प्रशिक्षण प्राप्त कारीगरों को पांच प्रतिशत ब्याज दर पर एक- एक लाख रुपये का ऋण दिया जाएगा।
जिले में अभी तक इस योजना के तहत 11,432 लाभार्थियों को टूल किट और प्रणामपत्र दिए गए हैं। स्वरोजगार के लिए ऋण मिलने से कारीगर हुनर दिखाने के साथ आर्थिक रूप से सम्पन्न भी हो सकेंगे।
घर और दुकान पर चला सकते हैं उद्योग
लघु और कुटीर उद्योगों के लिए एक लाख रुपये कम नहीं है। कारीगर अपने घर और दुकान पर ही कुटीर उद्योग को चला सकते हैं। राष्ट्रीयकृत स्थानीय बैंक से कर्ज मिल जाएगा। लाभांश के तौर पर मिलने वाली धनराशि से ऋण की अदायगी की जा सकेगी।
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विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना शिक्षित बेरोजगारों को उनके पारंपरिक कार्यों में निपुण करके उन्हें टूल किट उपलब्ध कराई जा रही है। अब बैंकों से एक लाख रुपये का ऋण मिलने से वह स्वयं का कारोबार प्रारंभ कर सकेंगे।
अजय कुमार त्रिपाठी, उपायुक्त, जिला उद्योग केंद्र