15वें वित्त आयोग के तहत नहीं मिली धनराशि, बरसात के चलते ठप है मनरेगा का कार्यसंवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। जिले की 1143 ग्राम पंचायतों की छह माह से झोली खाली है। 15वें वित्त आयोग के तहत ग्राम पंचायतों को दिए जाने वाले बजट का लंबे समय से इंतजार है। मगर शासन ने बजट जारी नहीं किया है। बरसात के चलते मनरेगा का कार्य लगभग ठप चल रहा है। ग्राम प्रधान ब्लाॅक और डीपीआरओ कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
ग्राम पंचायतों में श्मशान घाट के रास्तों, चहारदीवारी, सामुदायिक भवन, कच्चे रास्तों को पक्का करना, गांवों में पेयजल की व्यवस्था कराना, गंदे पानी की निकासी समेत कई कार्य लंबित पड़े हैं। शासन का जोर है कि शहरों की तरह गांवों में सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाए, मगर बजट के अभाव में कोई भी योजना धरातल पर नहीं उतर पा रही है।
कई गांवोंं में बरसात के गंदे पानी की निकासी के लिए अंडरग्राउंड नाली बनाने की योजना है। मगर बजट के अभाव में यह तैयारी निरर्थक साबित हो रही है। अधिकांश ग्राम पंचायतों में प्रधानों ने विकास कार्य तो करा दिए हैं, मगर भुगतान अधर में लटक गया है।
ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त आयोग और 15वें वित्त आयोग के तहत छह माह से बजट नहीं मिला है।
सूबे के कुछ जनपदों में 14वें वित्त आयोग की धनराशि अभी खर्च नहीं हो पाई है। जिसके चलते शासन ने 15वें वित्त आयोग की धनराशि नहीं जारी की है। शीर्ष अफसरों के संज्ञान में मामला है, जल्द ही ग्राम पंचायतों के खाते में धनराशि भेजी जाएगी।
आलोक कुमार सिन्हा,. डीपीआरओ