पीलीभीत/गजरौला। पत्नी की विदा कराने ससुराल पहुंचे गजरौला थाने के गांव सिसईया निवासी युवक एक दुकान के पास बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। परिजनों ने मृतक के ससुराल वालों पर चाय में जहरीला पदार्थ मिलाकर पिलाने का आरोप लगाया। वहीं डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जैसे-तैसे मामला शांत कराया।
गांव सिसईया निवासी सत्यप्रकाश ने बताया कि उन्होंने अपने 30 वर्षीय बेटे पंकज की शादी वर्ष 2019 में गजरौला क्षेत्र के गांव पिपरिया भजा निवासी रामेश्वर की बेटी रश्मि से की थी। बताया कि होली से पहले बेटा-बहू में किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। बहू रश्मि इसी महीने दो दिन पहले पति व परिवार वालों को जानकारी दिए बिना ही माल-जेवर लेकर अपने मायके चली गई।
घरवालों ने पहले फोन पर उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानी। सोमवार को घरवाले बहू को समझाने उसके मायके पहुंचे। आरोप है कि मायके वालों ने रश्मि को भेजने से इन्कार कर दिया। बुधवार की दोपहर 2:30 बजे पंकज घर से ससुराल जाने के लिए निकला था। परिजनों का आरोप है कि ससुराल वालों ने उसे जान से मारने की नीयत से चाय में जहरीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। हालत बिगड़ी तो वह निकलकर सड़क पर आ गया और गांव के बाहर एक दुकान के पास आकर बेहोश हो गया।
करीब शाम चार बजे दुकानदार ने मामले की सूचना पंकज के परिजनों को दी। परिजन मौके पर पहुंचे और पंकज को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। आरोप है कि डॉक्टरों ने उसका सही ढंग से इलाज नहीं किया। जब उसे रेफर करने के लिए कहा गया तो डॉक्टरों ने दो हजार रुपये मांगे। परिजन, मेडिकल कॉलेज प्रशासन से भिड़ गए। इस बीच युवक की जान चली गई। परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंचे कोतवाल नरेश त्यागी और गजरौला एसओ रुपा बिष्ट ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।