संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। नवरात्र के चौथे दिन मां कूष्माण्डा की पूजा-अर्चना की गई। मां को मालपुआ, नाशपाती का भोग लगाया गया।
मां कूष्माण्डा देवी सौरमंडल की अधिष्ठात्री देवी, अष्टभुजा धारी देवी के नाम से भी विख्यात हैं। मां कूष्माण्डा देवी तमाम रोग दोषों से लड़ने की शक्ति प्रदान करतीं हैं। मां कूष्माण्डा को पीला रंग अतिप्रिय है, इसलिए मां ने पीले रंग के वस्त्र धारण किए है। मां को पीला कमल भी प्रिय है, इसलिए श्रद्धालु आज के दिन माता को पीला कमल भी अर्पित करते है।
इस मौके पर यशवंतरी देवी, इलादेवी, कालीमठ और बराही देवी मंदिरों में पहुंचकर श्रद्धालुओं ने माता को धूप, फल, फूल, प्रसाद चढ़ाकर अपनी अपनी मन्नतें मानी। सुबह से ही सभी मंदिरों में घंटों की गूंज गुंजायमान होने लगीं। मंदिर परिसर में भजन कीर्तन, देवी छन्द भी हुए। यह क्रम दोपहर तक चलता रहा। शाम को आरती होने के बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए।
इसके अलावा पंचमुखी हनुमान मंदिर पर नवरात्र पर मंदिर कमेटी की तरफ से भक्तों को फल वितरण किया गया। सुबह यहां सर्वाकार शिरीष सक्सेना ने यज्ञ किया, इसके बाद आरती हुई। शहर के अन्य मंदिरों में भी दोपहर को महिलाओं ने भजन गाए। नवरात्र पर देवी मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया है।