पीलीभीत। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के मुख्यमंत्री के आदेश सिर्फ कागजों में सिमटकर रह गए हैं। आदेश की समय सीमा बढ़ने के बाद भी शहर की अधिकतर सड़कों की सूरत नहीं बदल सकी है। ऐसे में लोग गड्ढा युक्त सड़कों से ही होकर गुजर रहे हैं। आखिर कब तक लोग यह दंश झेलेंगे यह जिम्मेदार भी नहीं बता पा रहे। ऐसे में शासन के दावे भी खोखले साबित हो रहे हैं।
स्टेशन मार्ग पर है गड्ढों की भरमार
रेलवे स्टेशन से बाजार की ओर जाने वाला मार्ग करीब 15 वर्ष पूर्व बनाया गया था। इसके बाद इस सड़क को लेकर किसी ने ध्यान नहीं दिया। मौजूदा समय में यह सड़क पूर्ण रूप से गड्ढोंं में तब्दील हो गई है। हालत यह है कि हर कदम पर गड्ढा हैं। ऐसे में लोग गड्ढों से बचते दिखाई देते हैं। ईरिक्शा चालक तो गड्ढों को बचाने में ही काफी समय लगा देते हैं। सड़क पर कहा जाए तो छोटे गड्ढे न के बराबर है, सिर्फ बड़े गड्ढे हैं। इस पर पानी की पाइप लाइन ने स्थिति और खराब कर दी है। सब कुछ देखने के बाद भी जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
चीनी मिल मार्ग का बुरा हाल
स्टेशन मार्ग तो खराब ही कि इससे बुरी स्थिति चीनी मिल मार्ग की है। स्टेशन चौराहा से नगर पालिका कार्यालय होते हुए गौहनिया चौराहे तक सड़क जाती है। बाद में इसे टनकपुर हाईवे से जोड़ा गया हैं। करीब दो किलोमीटर लंबा यह मार्ग बदहाली के आंसू रो रहा है। गड्ढों ने तालाब का रूप ले लिया है। यहां आए दिन कोई न कोई हादसा होता रहता है। पूरी सड़क पर मुख्यमंत्री के गड्ढा मुक्त अभियान का कोई प्रभाव दिखाई नहीं देता।
स्टेशन मार्ग सीसी है, अवर अभियंता ने सीसी मार्ग के गड्ढे न भर पाने का तर्क दिया है। गड्ढे भरने के बाद फिर पूर्ववत स्थिति हो जाएगी। फिर भी जल्द ही खराब सड़क को ठीक करने की कोशिश की जाएगी।
-डॉ. आस्था अग्रवाल, नगर पालिका अध्यक्ष
शहर की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाएगा। इसके लिए कार्य किया जा रहा है। कोई भी सड़क छोड़ी नहीं जाएगी।
- एलसी भारती, ईओ पीलीभीत
पीलीभीत के चीनी मिल मार्ग पर सड़क पर पड़े गड्ढे।संवाद
पीलीभीत के चीनी मिल मार्ग पर सड़क पर पड़े गड्ढे।संवाद