सोमवार को विश्व स्तनपान सप्ताह की शुरूआत हो गई। सीएमओ कार्यालय में इस विशेष सप्ताह को सफल बनाने के लिए बैठक हुई। जिसमें सीएमओ ने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी, ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक, आशा, आंगनबाड़ी व स्टाफ नर्सों से स्तनपान सप्ताह को सफल बनाने में सहयोग करने के निर्देश दिए। शिशुओं की 13 प्रतिशत मृत्यु दर को स्तनपान के व्यवहार अपनाकर बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2015-16 के आंकड़ों के मुताबिक एक घंटे में स्तनपान की दर अभी भी मात्र 25.20 प्रतिशत है। छह माह तक केवल स्तनपान की दर 41.60 प्रतिशत अन्य प्रदेशों की तुलना में काफी कम है। इस वर्ष की थीम ‘निरंतर स्तनपान.. एक साझा प्रयास’ रखी गई है। बैठक में एससीएमओ/नोडल अधिकारी डॉ. अजय कुमार वर्मा, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मोहम्मद असलम, डॉ. एसके सिंह, डॉ. ठाकुर दास, डॉ. टीएन राय, डॉ. प्रशांत कुमार, डॉ. एएच अंसारी, डॉ. श्रीराम, अपर शोध अधिकारी पीएस आनंद, जिला समन्वयक अर्बन प्रवीन पाल, तौफीक अहमद आदि मौजूद रहे।