पोस्टमार्टम हाउस पर गमजदा खड़े मृतक के परिजन।
डेढ़ साल से मानसिक स्थिति नहीं थी ठीक
सुबह बिना बताए घर से निकल गया था हरिराम
न्यूरिया। गांव भौरियाई निवासी मजदूर हरीराम (40) की रविवार की सुबह सात बजे ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। परिवार वालों ने बताया कि हरीराम की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी।
पिता सुम्मेरलाल ने बताया कि डेढ़ साल पहले हरीराम मानसिक रोगी हो गया था। पहले बरेली से इलाज कराया, अब लखनऊ से इलाज चल रहा था। शनिवार शाम परिवार वालों के साथ खाना खाने के बाद वह सो गया। सुबह करीब पांच बजे पुत्र वधू तारावती उठी तो हरीराम घर से गायब था। आसपास उसकी तलाश की, मगर पता नहीं चला। वह टहलता हुआ गांव से करीब छह किलोमीटर दूर पिपरिया अगरु के पास रेलवे ट्रैक के किनारे पहुंच गया। सुबह साढ़े सात बजे पीलीभीत से टकनपुर जा रही ट्रेन संख्या 05341 की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। आसपास के लोगों ने शव की पहचान करने के बाद परिवार को सूचना दी। परिवार के साथ पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।