31 दिसंबर 2017 तक जिले को खुले में शौच मुक्त बनाने को अधिकारियों ने बैठक कर कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत 10 अप्रैल तक डेट लाइन सर्वे कर पूर्व में बनी सूची को अपडेट किया जाएगा। बैठक में इस कार्य के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ धर्मगुरुओं का भी सहयोग लेने का भी निर्णय लिया गया। डीएम मासूम अली सरवर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित गांधीसभागार में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में जिले को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) बनाने पर चर्चा हुई। सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी ने ओडीएफ हो चुके गांवों और शौचालयों की स्थिति पर विस्तार से जानकारी दी। बैठक में तय किया गया कि 10 अप्रैल तक डेट लाइन सर्वे कराकर पूर्व में बनी पात्रों की सूची को अपडेट कर लिया। इसके लिए संबंधित एडीओ बीडीओ से लिखित प्रमाणपत्र भी लिया जाएगा। इसके साथ ही जिला स्तर पर शौचालय का एक मॉडल तैयार किया जाएगा। इसके स्वीकृत होने के बाद जिले में एकरूपता बनाए रखने को इसी मॉडल के अनुसार शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। खुले में शौच मुक्त के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए डीएम की ओर से प्रधानों को पत्र भेजा जाएगा साथ ही नेहरू युवा केेंद्र, युवक मंगलदल, स्वयं सेवी संस्थाओं के साथ धर्मगुरुओं का भी सहयोग लिया जाएगा। बैठक में डीएम सीडीओ के अलावा डीपीआरओ शशिकांत पांडेय, बीडीओ हेमंत नेमा, ऋषिपाल सिंह, एडीओ पवन शुक्ला, कौशलेंद्र भदौरिया, रूपलाल, अरविंद सक्सेना, रविकांत शुक्ला, जिला समंवयक हेमेंद्र कुमार, नेहा सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।