पीलीभीत। कल तीन जुलाई से जिले के परिषदीय विद्यालय खुलेंगे। इन दिनों चूंकि धान की रोपाई चल रही है, इसलिए बच्चों की उपस्थिति प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में अधिकारियों ने योजना बनाई है कि शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल बुलाकर लाएंगे। उनके अभिभावकों को भी शिक्षा का महत्व बताकर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करेंगे। जिम्मेदारों का मानना है इससे बच्चों का नामांकन व उपस्थिति बढ़ेगी।
बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 1499 परिषदीय विद्यालय हैं। विद्यालयों को 27 जून से खुलना था, लेकिन निदेशालय ने सूचना जारी कर गर्मियों की छुट्टी दो जुलाई तक बढ़ा दी थी। अब सोमवार से स्कूल खुलेंगे। पंचायतीराज विभाग के सहयोग से स्कूलों में साफ-सफाई कराई जा चुकी है। इस बार विद्यालयों में बच्चों का अधिक से अधिक से नामांकन कैसे हो, इस पर मंथन किया गया।
बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार के मुताबिक शिक्षक-शिक्षिकाओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्कूल चलो अभियान की पहले दिन से ही जोरशोर से शुरुआत करें। अभियान जुलाई के अंत तक चलेगा। इसके अलावा बच्चों के अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें बच्चों का विद्यालय में दाखिला कराने के लिए राजी करेंगे। शासन की मंशा के अनुसार विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ाई जाएगी। जिन बच्चों के पहले से दाखिले हैं, उन्हें स्कूल बुलाकर लाने के लिए शिक्षक घर-घर जाएंगे।
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चुनौती है लेकिन सामना करेंगे
वर्तमान में धान की रोपाई चल रही है। ग्रामीण अंचलों में ज्यादातर बच्चे अभिभावकों के साथ धान की रोपाई में व्यस्त हैं। इसका असर स्कूल चलो अभियान पर पड़ सकता है। बेसिक शिक्षा अधिकारी भी मानते हैं धान की रोपाई के सीजन में बच्चों को स्कूल लेकर आना चुनैती है, लेकिन शिक्षकों को इसका सामना करने के लिए कहा गया है। अध्यापक अभिभावकों के पास जाकर शिक्षा से होने वाले फायदे बताएंगे। इसका फर्क पड़ेगा और नामांकन बढ़ेंगे।
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जुलाई भर चलेगा अभियान
बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार के मुताबिक नामांकन बढ़ाने के लिए स्कूल चलो अभियान जुलाई भर चलाया जाएगा। इसमें विद्यालयों के अध्यापक बच्चों के साथ रैली निकालकर नारों के माध्यम से अन्य बच्चों को विद्यालय आने के लिए प्रेरित करेंगे। यह प्रक्रिया माह के सभी दिन चलेगी।