अपर जिला जज नरेंद्र पाल सिंह तोमर ने थाना पूरनपुर क्षेत्र के गांव सिमरिया ताल्लुके अजीतपुर बिल्हा निवासी रूपराम पुत्र रामचंद्र को पत्नी नन्हीं देवी की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दूसरे आरोपी मुरारी को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त किया है। अभियोजन कथानक के अनुसार जनपद शाहजहांपुर के गांव कयमारा निवासी सोनी देवी ने पूरनपुर कोतवाली में चार सितंबर 2013 को दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि उसकी बहन नन्हीं देवी की शादी एक साल पूर्व रूपराम से हुई थी। इसके बाद से लगातार ससुराल वाले दहेज की मांग कर रहे थे। इसका विरोध करने पर नन्हीं देवी को पति ने गला दबाकर मारने के बाद शव फांसी पर लटका दिया। विवेचना पुलिस द्वारा दो आरोपियों रूपराम व मुरारी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। मुकदमे की सुनवाई के बाद न्यायालय ने रूपराम को पत्नी नन्हीं देवी की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दूसरे आरोपी मुरारी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया है। राज्य सरकार की ओर से पैरवी एडीजीसी मनोज कुमार सिंह तोमर व मुनीव उल हक ने की।