जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य हासिल करने को 15 क्रय केंद्र और खोले जाएंगे। इसके लिए जिला प्रशासन ने क्रय एजेंसियों से केंद्रों से दो दिन में प्रस्ताव देने को कहा है। 15 नए क्रय केंद्र खुलने से जिले में क्रय केंद्रों की संख्या 104 हो जाएगी। प्रदेश में प्रतिवर्ष गेहूं खरीद एक अप्रैल से प्रारंभ होती है, लेकिन सरकारी नीतियां इसकेे बाद बननी शुरू होती हैं। शायद यही कारण है कि सरकारी खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाता और किसानों को कम दाम पर गेहूं बेचना पड़ता है। योगी सरकार ने गेहूं के बम्पर उत्पादन की संभावना को देखते हुए जिले का लक्ष्य 2.10 लाख एमटी से बढ़ाकर 3.71 लाख एमटी कर दिया था। जबकि क्रय केंद्रों की संख्या 116 से घटाकर मात्र 89 कर दी गई। इससे लक्ष्य हासिल होना मुश्किल लग रहा था। अब शासन ने क्रय केंद्र बढ़ाने की अनुमति दे दी है। इस पर डीएम की अध्यक्षता में क्रय एजेंसियों के प्रबंधकों के साथ बैठक हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि जिले में 15 क्रय केंद्र और खोले जाएंगे। डीएम के निर्देश पर जिला खरीद अधिकारी एडीएम अजयकांत सैनी ने सभी क्रय प्रबंधकों से क्रय केंद्रों के प्रस्ताव मांगे हैं। प्रभारी डिप्टी आरएमओ कांती राठौर ने बताया कि क्रय एजेंसियों से दो दिन में प्रस्ताव देने को कहा गया है। प्रस्ताव मिलते ही 15 नए क्रय केंद्र खोलकर खरीद शुरू कराई जाएगी।