बुधवार रात और बृहस्पतिवार की सुबह गरज चमक के साथ हुई बारिश से मौसम में ठंडक महसूस की गई। बारिश के साथ तेज हवाओं से लाही और मटर की फसल को नुकसान हुआ है, जबकि गन्ना पछेती गेहूं और आम की फसल को बारिश से लाभ हुआ है। बुधवार की रात तेज हवाओं के साथ छिटपुट बारिश हुई। बारिश के साथ चली हवाओं के कारण मौसम भी काफी बदल गया। सुबह ठंडक महसूस की गई। बृहस्पतिवार को सुबह भी माधोटांडा क्षेत्र में बारिश हुई है। हालांकि इस बारिश से खेती को कोई विशेष नुकसान नहीं हुआ है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका के अनुसार लाही की तैयार एवं खेतों में कटी पड़ी फसल को बारिश से नुकसान हुआ है साथ पक चुकी मटर भी फसल भी प्रभावित हुई है। कृषि वैज्ञानिक के अनुसार बारिश के साथ चली हवा से फसल नहीं गिरी है लेकिन अब बारिश से जमीन नम हो चुकी है और यदि अब पुन: हवाएं चलती हैं गेहूं की तैयार फसल गिर सकती है। खेती के लिहाज से देखा जाए तो इससे नुकसान कम और लाभ अधिक हुआ है। गन्ने के साथ गेहूं की पछेती फसल व आम को इस बारिश से फायदा पहुंचेगा।