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Pilibhit News: शारदा नदी पर अभी पैंटून पुल के लिए करना होगा इंतजार

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शारदा नदी पर शुरू हुआ नावों का संचालन।स्रोत:राहगीर
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पूरनपुर। शारदा नदी पर अब तक पैंटून पुल का निर्माण नहीं हो सका है। जबकि यहां 15 अक्तूबर से आवागमन शुरू होने की तिथि निर्धारित है।फिलहाल पीडब्ल्यूडी की ओर से टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के साथ नावों से लोगों को इधर से उधर भेजा जा रहा है।
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तहसील क्षेत्र के शारदा पार गांवों में आवागमन के लिए शारदा नदी पर हर साल पैंटून पुल बनाया जाता है। बाढ़ की आशंका पर पुल 15 जून को हटाने और शारदा नदी में पानी कम होने पर 15 अक्तूबर को पुल से आवागमन शुरू होना निर्धारित है। पिछले दो सालों से निर्धारित समय पर पुल हटा तो लिया जा रहा है, लेकिन निर्धारित समय पर पुल तैयार नहीं किया जा पा रहा।
पिछले साल एक जनवरी को पुल से आवागमन शुरू हुआ था। इस बार भी निर्धारित तिथि पर पुल नहीं बनाया जा सका। इससे तहसील क्षेत्र के शारदा पार के क्षेत्र में आवागमन के लिए लोगों को 30 की जगह 130 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। शारदा नदी पार करीब सवा लाख आबादी है। बता दें कि पिछले साल भी लोगों को 243 की दिनों की जगह पुल से मात्र 162 दिन ही आवागमन करने को मिला था।
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16 ग्राम पंचायतों की एक लाख आबादी को होती है असुविधा
शारदा पार इलाके में ग्राम पंचायत मुरैनिया गांधी, शांतिनगर, राणा प्रतापनगर, कबीरगंज, विजयनगर, नहरोसा, श्रीनगर, कुठिया गुदिया, सिद्धनगर, भरतपुर, वमनपुर भागीरथ, रामनगर, सिंघाड़ा उर्फ टाटरगंज, बैल्हा, अशोकनगर, शास्त्रीनगर सहित सोलह ग्राम पंचायतों में करीब एक लाख की आबादी है। बरसात में पैंटून पुल हटने से लोगों को तहसील मुख्यालय आवागमन में असुविधा होती है। लोगों को तहसील मुख्यालय आने के लिए लखीमपुर के संपूर्णानगर, पलिया, भीरा, मैलानी, शाहजहांपुर के खुटार होते हुए आना पड़ता है।


नावों का शुरू किया गया संचालन
शारदा नदी का जलस्तर कम होने पर नावों का संचालन होना चाहिए, मगर पिछले कई साल से नावों का संचालन नहीं हुआ। हालांकि इस बार 15 अक्तूबर से पीडब्ल्यूडी की ओर से नावों का संचालन शुरू करा दिया गया है। नावों से नदी पार करने पर लोगों को कोई शुल्क नहीं देना पड़ रहा। नावों का संचालन प्रतिदिन सूर्य उदय से सूर्य अस्त होने तक होता है।

शारदा नदी पर पुल निर्माण के लिए मिल चुकी है स्वीकृति
नदी पर पक्के पुल की दो दशक से मांग की जा रही थी। केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने 15 अगस्त 2023 को सेतु निगम और लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन कराया था। सेतु निर्माण को दो अरब 69 करोड़ 13 लाख 59 हजार में पूरनपुर-धौरी-कंचनपुर मार्ग पर धनाराघाट पर शारदा नदी सेतु मार्ग, अतिरिक्त पहुंच मार्ग एवं सुरक्षात्मक कार्य निर्माण को स्वीकृत कर 94 करोड़ 19 लाख, 76 लाख रुपये का बजट भी लोकसभा चुनाव से पहले जारी कर दिया गया। यही नहीं बीच में जमीन पड़ने पर वन विभाग को दूसरी जमीन भी दी जा चुकी है पर अभी काम शुरू नहीं हुआ है।


तीन किलोमीटर से अधिक लंबा होगा पुल
पूरनपुर-धौरी कंचनपुर मार्ग पर धनाराघाट पर बनने वाले मुख्य सेतु की लंबाई तीन किलोमीटर 287 मीटर होगी। इसके अलावा पहुंच मार्ग की लंबाई 200-200 मीटर होगी। पुल बन जाने से तहसील क्षेत्र के शारदा नदी पार के लिए आवागमन आसान होगा। इसके अलावा लखीमपुर, पलिया, संपूर्णानगर और नेपाल आवागमन की भी दूरी कम होगी।

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पैंटून पुल का टेंडर हो गया है, मगर शारदा नदी अभी अधिक चौड़ाई में बह रही है। इस बार भी पुल तीन धारों पर बनेगा। पुल बनाने के स्थान को चिह्नित कराया जा रहा है। जिससे शीघ्र ही पुल बनवाकर आवागमन शुरू कराया जा सके। नदी पार करने के लिए विभाग की ओर से 15 अक्तूबर से नावों का संचालन शुरू करा दिया गया है। इसके लिए लोगों से कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा।
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- अनूप कुमार, जेई, पीडब्ल्यूडी

शारदा नदी पर शुरू हुआ नावों का संचालन।स्रोत:राहगीर

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