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Pilibhit News: शहर में हर तरफ पानी, टापू बन गया बेनी चौधरी और फीलखाना का इलाका

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शहर के रोडवेज बस स्टैंड परिसर में भरा पानी।संवाद
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पीलीभीत। जलभराव की समस्या से जूझ रहे शहरवासियों के लिए नदियों में आई बाढ़ मुसीबत बन गई। नानक सागर से 56 हजार क्यूसेक पानी पास किए जाने से सोमवार देर रात शहर में हालात और बिगड़ गए। हर तरफ जलभराव हो गया। नदी किनारे बसे मोहल्ले बेनी चौधरी और फीलखाना टापू बन गए। परेशानी के बीच छतों पर शरण लेकर लोग जलस्तर कम होने का इंतजार करते रहे।
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सोमवार रात जलस्तर बढ़ने से देवहा नदी का पानी ओवरफ्लो होकर शहर में घुसना शुरू हुआ। इससे पहले से ही जलभराव से ग्रस्त मोहल्ला फीलखाना, बेनी चौधरी में सात फुट तक पानी भर गया। इससे हड़कंप मच गया। लोग जरूरी सामान को सुरक्षित बचाने की जुगत में जुट गए और परिवार के साथ छतों पर चढ़ गए।
सड़कों पर खड़े वाहन पानी में डूब गए। जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इसके अलावा शहर के बनकटी, टनकपुर हाईवे, सिविल लाइन चौकी, बेला का चौराहा, खकरा, लेखराज चौराहा, केजीएन टू, मोहशीन खां, रामलीला रेलवे क्राॅसिंग, डिग्री कॉलेज, नौगवां चौराहा और रोडवेज क्षेत्र में भी करीब तीन फुट तक पानी भर गया। सड़कें पानी से लबालब हो गईं। इस इलाके के कुछ घरों में भी पानी घुसा। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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बेनी चौधरी, फीलखाना, नौगवा व बल्लभनगर की 35 हजार आबादी हुई प्रभावित
शहर में हर तरफ बाढ़ का असर देखने को मिला लेकिन बेनी चौधरी, फीलखाना, नौगवां, बल्लभनगर व पंजाबियान मोहल्ले की करीब 35 हजार आबादी बाढ़ से अधिक प्रभावित हुई। इन इलाकों में लोग घरों की छतों पर चढ़ने को मजबूर हुए। घरेलू सामान नष्ट हो गया। मंगलवार को एनडीआरएफ की टीमों ने इन इलाकों में रेस्क्यू शुरू किया, खतरे वाले क्षेत्र में फंसे एक व्यक्ति को रेस्क्यू कर बचाया गया। अन्य घरों में मौजूद रहकर जलस्तर कम होने का इंतजार करते रहे। खाने-पीने के सामन को लेकर भी परेशानी हुई।
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जलभराव से नौगवां ओवरब्रिज के सर्विस मार्ग पर यातायात रहा ठप, लगता रहा जाम
टनकपुर हाईवे पर नौगवां ओवरब्रिज के सर्विस मार्ग पर जलभराव अधिक हो गया। इससे यातायात पूरी तरह ठप रहा। वाहनों को ओवरब्रिज से होकर गुजरना पड़ा। इससे दिन भर जाम की समस्या बनी रही। ट्रैफिक पुलिसकर्मी पानी के बीच जाम की समस्या को दूर कराने में जुटे रहे। पुलिस और प्रशासन के अफसर भी जाम में फंसते रहे। क्षेत्रीय लोगों का कहना था कि ओवरब्रिज के दोनों ओर नगरपालिका के निर्माणाधीन नाले अधूरे पड़े हैं। जिसके चलते जल निकास न होने से जलभराव की समस्या अधिक बन रही है।
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ऑफिसर्स कॉलोनी में चार से पांच फुट तक भरा पानी, अफसरों ने होटलों में ली शरण
देवहा नदी का जलस्तर बढ़ने से ऑफिसर्स कॉलोनी में भी बाढ़ का पानी घुस गया। देर रात तक करीब चार से पांच फुट तक पानी पहुंचने से अफसर परेशान हो उठे। अधिकांश ने शहर के होटलों में शरण ली। मंगलवार को भी पानी होने से कॉलोनी में सन्नाटा छाया रहा। कई अधिकारियों के आवास की दीवारें भी ढह गईं।
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ओवरफ्लो होकर खकरा पुल पर चढ़ा पानी, बंद कराया आवागमन
खकरा नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी ओवरफ्लो होने लगा। मंगलवार सुबह पानी पुल पर भी चढ़ गया। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासनिक अफसरों ने आवागमन बंद कराया। क्षेत्रीय पुलिस को लोगों की आवाजाही रोकने के निर्देश दिए गए। पानी की स्थिति देखने के लिए लोग पुल क्षेत्र में पहुंचते रहे।
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एडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट ने ट्रैक्टर से देखे शहर के हालात
शहर में पानी की समस्या बढ़ने के बाद मंगलवार को एडीएम ऋतु पूनिया और सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर ने ट्रैक्टर से शहर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। इस दौरान चंदोई, खकरा पुल, मोहल्ला भूरे खां, बनकटी रोड क्षेत्र की स्थिति को परखा।
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कई जगह मगरमच्छ दिखने से मचा हड़कंप
बाढ़ का पानी शहर में घुसने के साथ ही मगरमच्छ की मौजूदगी भी दिखने लगी है। सोमवार रात शहर के खकरा पुल पर मगरमच्छ की मौजूदगी देखी गई। लोगों ने उसे पानी में खदेड़ दिया। मंगलवार को लोकनिर्माण विभाग के सहायक अभियंता एसपी गौतम के आवास परिसर में भी मगरमच्छ पहुंच गया। इससे भगदड़ मच गई। इसके अलावा केजीएन टू कॉलोनी में कई घरों के बाहर सांप देखे जाने से लोगों में दहशत फैल गई।
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शहर में 16 साल बाद फिर लौटा बाढ़ का मंजर
24 घंटे में शहर का मंजर बदल गया। हर तरह पानी नजर आने लगा। घरों में पानी पहुंच गया। इससे लोग वर्ष 2008 में आई बाढ़ को याद करने लगे। लोगों का कहना था कि इस बार की बाढ़ पहले से ज्यादा खतरनाक रूप में आई। शहर के कई ऐसे इलाके रहे जहां पहले कभी बाढ़ का पानी नहीं पहुंच सका था, लेकिन इस बार वहां भी पानी पहुंच गया। बाढ़ के बीच जनप्रतिनिधियों के शांत रैवये को लेकर भी लोग सोशल मीडिया पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते रहे।
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शहर से सटे चंदोई गांव में सात फुट तक भरा पानी
शहर से सटे चंदोई गांव में भी बाढ़ से हालात काफी बदतर रहे। पूरे गांव में सात फुट तक पानी भर गया। घरों के दरवाजे पानी से डूब गए। जन जीवन प्रभावित हुआ। पूरे गांव में सन्नाटा छाया रहा। लोग घरों की छतों पर चढ़े रहे। जलभराव होने से पानी की समस्या अधिक हुई।
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प्रशासन का दावा, राहत और बचाव कार्य में जुटी पर्याप्त टीमें
बाढ़ के बीच प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य में तेजी करने का दावा किया जा रहा है। इसमें एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी व एसएसबी की टीम बाढ़ग्रस्त इलाकों में बचाव कार्य में जुटी हैं। फंसे लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। वहीं बाढ़ से प्रभावित इलाकों में भोजन की व्यवस्था के लिए कम्युनिटी किचन शुरू कराया गया। पूरनपुर, कलीनगर, मझोला आदि क्षेत्रों में भोजन उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है।
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लोगों ने बयां किया दर्द
दो दिन से क्षेत्र में जलभराव की स्थिति है। सोमवार रात हालात अधिक बिगड़ गए। सभी छतों पर चढ़ हुए हैं। जरूरी सामान के लिए जोखिम के बीच पानी से होकर जाना पड़ रहा है। - समीर, नौगवा
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सड़कें पानी से लबालब हैं। घरों के अंदर पानी घुसने से हालात बदतर हो गए हैं। अधिकांश सामान भीग गया है। परेशानी के बीच समय काटने पर मजबूर हैं।
- अभिनव कुमार, गंगोत्रीपुरम


नदियों के जलस्तर की स्थिति
मंगलवार को शारदा नदी में 80 हजार क्यूसेक, देवहा नदी में 51 हजार क्यूसेक व नानक सागर ने 20 हजार क्यूसेक दिन में दो बजे तक पास किया गया।

शहर के रोडवेज बस स्टैंड परिसर में भरा पानी।संवाद

शहर के रोडवेज बस स्टैंड परिसर में भरा पानी।संवाद

शहर के रोडवेज बस स्टैंड परिसर में भरा पानी।संवाद

शहर के रोडवेज बस स्टैंड परिसर में भरा पानी।संवाद

शहर के रोडवेज बस स्टैंड परिसर में भरा पानी।संवाद

शहर के रोडवेज बस स्टैंड परिसर में भरा पानी।संवाद

शहर के रोडवेज बस स्टैंड परिसर में भरा पानी।संवाद

शहर के रोडवेज बस स्टैंड परिसर में भरा पानी।संवाद

शहर के रोडवेज बस स्टैंड परिसर में भरा पानी।संवाद

शहर के रोडवेज बस स्टैंड परिसर में भरा पानी।संवाद

शहर के रोडवेज बस स्टैंड परिसर में भरा पानी।संवाद

शहर के रोडवेज बस स्टैंड परिसर में भरा पानी।संवाद

शहर के रोडवेज बस स्टैंड परिसर में भरा पानी।संवाद

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