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Pilibhit News: चंदिया हजारा, कॉलोनी नंबर छह समेत कई इलाकों में भरा पानी

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गांव चंदिया हजारा में सुर​क्षित स्थान पर रस्सी के सहारे वृद्ध को ले जाता युवक।स्रोत:ग्रामीण
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पूरनपुर। शारदा नदी उफनाने से गांव चंदिया हजारा, राहुलनगर, कॉलोनी नंबर छह, खिरकिया बरगदिया आदि इलाकों में दूसरे दिन भी तीन से पांच फुट तक पानी भरा रहा। सैकड़ों लोग घरों की छतों पर ही शरण लिए रहे। चूल्हे नहीं जलने से भोजन नहीं बना। साथ ही कई गांवों का आपस में संपर्क कटा रहा। इधर, पानी के तेज बहाव में गांव खिरकिया बरगदिया निवासी सुरेंद्र (36) की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई।
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शुक्रवार को बनबसा बैराज से 4.61 लाख क्यूसेक पानी पास होने से शारदा नदी शुक्रवार शाम को उफना गई थी। शुक्रवार शाम छह बजे गांव चंदिया हजारा, राहुलनगर, खिरकिया बरगदिया, कॉलोनी नंबर छह सहित आसपास के गांवों में पानी भरना शुरू हो गया था। रात नौ बजे तक गांवों में तीन से पांच फुट तक पानी भर गया। ऐेसे लोगों ने घरों की छतों पर शरण लेना शुरू किया। तब से लोग खुले आसमान के नीचे छतों पर ही जमे हुए है।

चंदिया हजारा से गांव राहुलनगर, कॉलोनी नंबर छह, खिरकिया बरगिदया का संपर्क कट गया है। निचले स्थानों पर पांच फुट तक पानी भरा होने से ट्रैक्टरों से भी आवागमन नहीं हो पा रहा है। शनिवार को दूसरे दिन भी सैकड़ों घरों में चूल्हे नहीं जले। घरों की छतों पर फंसे लोग भूख और प्यास से बिलबिलाते रहे। राजस्व प्रशासन की ओर से गांव रूदपुर में बाढ़ पीडि़तों के लिए खाने की व्यवस्था तो की गई, लेकिन कई फुट पानी भरा होने से खाना पीडि़तों तक नहीं पहुंच सका।
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शनिवार शाम पांच बजे के बाद कुछ पानी कम होना शुरू हुआ। जलभराव के चलते अफसर और कर्मचारी भी गांवोंं में नहीं पहुंच सके।



बाढ़ के पानी में डूबकर युवक की मौत
पूरनपुर। शनिवार को दोपहर करीब 12 बजे घर से गांव के स्कूल की ओर जा रहा गांव खिरकिया बरगदिया निवासी सुरेंद्र (36) पुलिया के समीप बाढ़ के पानी में डूब गया। पानी के तेज बहाव के चलते उसे बचाने भी नहीं पहुंच सका। मोटरबोट के सहारे गोताखोरों ने करीब एक घंटे बाद उसका शव घटना स्थल से 100 मीटर दूर बरामद किया। सुरेंद्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए नाव से कई किलोमीटर गांव चंदिया हजारा लाया गया। सुरेंद्र अपने परिवार का इकलौता कमाऊ व्यक्ति था। उसकी मां कई महीने पहले पंजाब में मजदूरी करने गई है। परिवार में पत्नी और तीन बच्चे है। सुरेंद्र के घर जून महीने में आग लग गई थी। जिसमें उसकी गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया था। संवाद



पांच फुट पानी भरा, धरना प्रदर्शन स्थगित

पूरनपुर। शारदा नदी के कटान, बाढ़ का सर्वे न होने, मुआवजा न मिलने, क्षेत्र को बचाने को तटबंध बनवाने आदि की मांग को लेकर गांव खिरकिया बरगदिया में छह सितंंबर से बेमियादी क्रमिक धरना प्रदर्शन शुरू किया गया था। शुक्रवार को गांव में आई बाढ़ में धरना स्थल पर भी पांच फुट पानी भर गया। इससे शनिवार को धरना प्रदर्शन नहीं हो सका। संवाद


बाढ़ पीड़ितों का दर्द
पानी कम न होने से दूसरे दिन भी परिवार के साथ घर की छत पर शरण लिए रहे। सहायता के नाम पर कोई अधिकारी, कर्मचारी नहीं पहुंचा।
- गौरंग मंडल, चंदिया हजारा


कई गांवों का संपर्क कटा है। दूसरे दिन शनिवार को भी पानी कम नहीं हुआ। खाने, पीने, रहने के अलावा अन्य परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
- रविंद्रनाथ

इस बार भी नाममात्र लोगों को ही बाढ़ सहायता किट मिल पाई। यह हाल तब का है जब मुख्यमंत्री खुद गांव मेें आए थे।
- रामचंद्र
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वाहन पर खड़े होकर बांटी दवाई

पूरनपुर। शनिवार को गांव चंदिया हजारा पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वाहन पर खड़े होकर कुछ लोगों को दवाइयां बांटीं। चीफ फार्मासिस्ट सुशांत हलधर ने बताया कि 100 लोगों को ओआरएस के पैकेट बांटे गए। 22 बुखार के मरीजों को दवाई बांटी गई।

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गांवोंं में भरा पानी शनिवार शाम को निकलना शुरू हो गया है। गांव बैल्हा और रूद्रपुर में बाढ़ पीडि़तों के लिए भोजन की व्यवस्था कराई गई है। कुछ लोगों को खाना बंटवाया भी है। गांव खिरकिया बरगदिया के युवक की डूबने से मौत हुुई है।
- राजेश कुमार शुक्ला, एसडीएम, पूरनपुर

गांव चंदिया हजारा में सुरक्षित स्थान पर रस्सी के सहारे वृद्ध को ले जाता युवक।स्रोत:ग्रामीण

गांव चंदिया हजारा में सुरक्षित स्थान पर रस्सी के सहारे वृद्ध को ले जाता युवक।स्रोत:ग्रामीण

गांव चंदिया हजारा में सुरक्षित स्थान पर रस्सी के सहारे वृद्ध को ले जाता युवक।स्रोत:ग्रामीण

गांव चंदिया हजारा में सुरक्षित स्थान पर रस्सी के सहारे वृद्ध को ले जाता युवक।स्रोत:ग्रामीण

गांव चंदिया हजारा में सुरक्षित स्थान पर रस्सी के सहारे वृद्ध को ले जाता युवक।स्रोत:ग्रामीण

गांव चंदिया हजारा में सुरक्षित स्थान पर रस्सी के सहारे वृद्ध को ले जाता युवक।स्रोत:ग्रामीण

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