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वारंटशुदा प्रधानों की गिरफ्तारी का मामला ठंडे बस्ते में

Sun, 12 Jul 2015 10:26 PM IST
Bisalpur
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वारंटशुदा ग्राम प्रधानों की गिरफ्तारी के मामले में राजनीति हावी हो गई है, जिसके कारण यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। राजीव गांधी सेवा केंद्रों की धनराशि का गबन करने के आरोप में डीएम ओएन सिंह ने करीब एक माह पूर्व सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी की संस्तुति पर इस तहसील क्षेत्र के 34 ग्राम प्रधानों की आरसी जारी कर दी थी। आरसी जारी होते ही तहसीलदार ने उन्हें नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर बकाया जमा करने के निर्देश दिए थे। नोटिस मिलने पर भी जब बकाएदारों ने बकाया अदा नहीं किया, तभी तहसीलदार ने उन प्रधानों के गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए थे। सभी गिरफ्तारी वारंट क्षेत्र के संग्रह अमीनों को दे दिए गए। इनमें से केवल चार प्रधानों ने बकाया राशि जमा की है और बाकी 30 प्रधानों ने बकाया राशि जमा नहीं की है। वारंट जारी हुए करीब पौन माह बीत गया है, लेकिन 34 में से एक भी ग्राम प्रधान को न ही गिरफ्तार किया गया है और न ही उनकी चल, अचल संपत्ति की कुर्की की गई है। जिससे राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर सवालिया निशान लग गया है। चर्चा है कि वारंटशुदा प्रधानों ने राजनीतिज्ञों की शरण ले ली है, जिसके कारण राजस्व विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों की वारंटशुदा प्रधानों को गिरफ्तार करने अथवा उनकी संपत्ति की कुर्की करने की हिम्मत नहीं पड़ रही है। इस बावत पूछने पर तहसीलदार ने भी स्वीकार किया कि वारंटशुदा प्रधान गिरफ्तारी और कुर्की से बचने के लिए उन पर अधिकारियों, विधायकों, मंत्रियों और अन्य प्रभावशाली नेताओं से लगातार फोन पर दबाव डलवा रहे हैं।
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