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महायोजना 2031: खेती की जमीन को आवासीय कराना चाहते हैं ज्यादातर लोग

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सिटी मजिस्ट्रट कार्यालय में महायोजना का नक्शा देखते लोग। संवाद - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। दस साल बाद बन रही महायोजना को लेकर शहर के लोग खासे उत्साहित हैं। आपत्तियां दर्ज कराने के लिए बुधवार को अंतिम दिन है। सोमवार को तक करीब सौ प्रार्थना पत्र मिल चुके हैं। ज्यादातर लोग लैंड यूज (भूमि उपयोग) कृषि से आवासीय कराना चाहते हैं। इससे कि यहां कॉलोनियां विकसित हो सकें।
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इससे पहले महायोजना वर्ष 2011 में बनी थी। उस वक्त साढ़े तीन सौ से ज्यादा आपत्तियां मिली थीं। इस बार महायोजना-2031 के तहत माधोटांडा और बरेली रोड को विकसित किया जाएगा। नेेशनल हाईवे की दोनों साइड में तीन-तीन सौ मीटर दायरे को आवासीय किया जाएगा। महायोजना को लेकर बुधवार तक लोग आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। उम्मीद थी कि इस बार ज्यादा आपत्तियां आएंगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
सोमवार तक करीब सौ आपत्तियां प्राप्त हुईं। इसमें लगभग सभी अपनी भूमि का लैंड यूज बदलवाने की मांग कर रहे हैं। सोमवार को कई लोग विनियमित क्षेत्र कार्यालय आपत्तियां दर्ज कराने भी पहुंचे। उनका कहना है कि हाईवे के तीन सौ मीटर दायरे में उनकी जमीन आ रही है। भविष्य में शहर बरेली रोड पर विकसित होने की उम्मीद है। बाद में लैंड यूज बदलवाने में दिक्कतें पेेश आएंगी।
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बता दें कि 31 अगस्त के बाद आपत्तियों का निरस्तारण होगा और उसके बाद तीन प्रतियों के फाइनल ड्राफ्ट जारी होगा। कोलकाता की एजेंसी ने महायोजना का खाका तैयार किया है।
31 अगस्त तक आपत्तियां ली जाएंगी। उसके बाद उनका निस्तारण किया जाएगा। उसके बाद फाइनल ड्राफ्ट जारी होगा। करीब सौ आपत्तियां आ चुकी हैं। ज्यादातर लैंडयूज को लेकर आई हैं। -डॉ. राजेश कुमार, नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र
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