जिला चिकित्सालय में पर्चा बनवाने के लिये लगी भीड । संवाद
पीलीभीत। बारिश के बीच गर्मी से एक बार फिर वायरल फीवर पांव पसारने लगा है। सर्दी, जुखाम और बुखार से परेशान मरीजों की अस्पतालों में संख्या बढ़ती जा रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना एक हजार से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें करीब तीन सौ मरीज वायरल फीवर के हैं। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम के मद्देनजर शरीर का ध्यान रखना जरूरी है।
मौसम में उतार-चढ़ाव के साथ बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। बारिश में मच्छराें से खतरा भी बढ़ गया है। बारिश होने से पूर्व में वायरल का प्रकोप कुछ कम हुआ था, लेकिन बारिश के बीच तेज धूप होने से समस्या फिर तेज हो गई है। जिला अस्पताल में इन दिनों रोजाना करीब एक हजार से अधिक मरीजों की ओपीडी हो रही है।
इनमें 40 फीसदी मरीज बुखार, खांसी, जुकाम, सर्दी के सामने आ रहे हैं। रोजाना अस्पताल में सुबह नौ बजे से ही भीड़ लगना शुरू हो जा रही है। डॉक्टरों के चैंबर से लेकर दवा काउंटर तक भीड़-भीड़ दिख रही है। शुक्रवार को भी जिला अस्पताल में एक हजार से अधिक की ओपीडी रही। जिसमें करीब 324 मरीज बुखार और वायरल के थे। सबसे अधिक भीड़ फिजिशियन कक्ष में जुटी। फिजिशयन डॉ. रमाकांत सागर ने मरीजों को देखकर बेहतर परामर्श दिया। इसके अलावा बाल रोग विशेषज्ञ के चैंबर भी फुल नजर आ रहे थे। खून की जांच के चलते जिला अस्पताल की पैथोलॉजी भी ओवरलोड चल रही है।
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चिकित्सकों की राय, मच्छरदानी का करें प्रयोग
सीएमएस डॉ. संजीव सक्सेना का कहना है कि बरसात के बाद अचानक तेज धूप की वजह से बुखार, सर्दी, खांसी, जुकाम के साथ ही पेट संबंधी बीमारियां शुरू हो जाती हैं। इसका कारण मच्छर और जलजनित बीमारियां होती हैं। वायरल फीवर से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें और पानी उबालकर पीएं। खान-पान में सावधानी बरतें, पूरे शरीर के कपड़े पहनें। धूप से आने पर तत्काल ठंडी चीजें अथवा बारिश से आने पर तत्काल गरम चीजों का सेवन करने से बचें तो वायरल फीवर से बच सकते हैं।