वन विभाग भले ही आदमखोर बाघ तक नहीं पहुंच पा रहा है लेकिन बाघ आए-दिन नजर आ रहा है। काफी समय से मंडरा रहा एक बाघ शुक्रवार को इलाके के गांव मदारपुर के समीप एक फार्म हाउस के इर्दगिर्द देखा गया। एक ग्रामीण की उस पर नजर पड़ी तो उसकी सिट्टीपिट्टी गुम हो गई। बाघ उसकी ओर दौड़ता उससे पहले उसने परिवार और खुद को कमरे में बंद करके जान बचाई। यहां बाघ देखे जाने से इलाके के लोगों में दहशत की स्थिति है। मदारपुर स्थित गांव निवासी पूर्व प्रधान वीरेंद्र सिंह के फार्म हाउस के निकट शुक्रवार को सुबह बाघ पहुंच गया। बाघ देखकर फार्महाउस की रखवाली कर रहे कर्मचारी श्रीपाल ने परिवार के साथ कमरे में बंद होकर जान बचाई। श्रीपाल ने इसकी सूचना मोबाइल पर पूर्व प्रधान को दी। पूर्व प्रधान वीरेंद्र सिंह अपने कई साथियों के साथ मौके पर पहुंचे। भारी शोर-शराबा और पटाखे दागे गए, तब कहीं बाघ जंगल की ओर गया। बाघ की चहल कदमी से क्षेत्र के लोग दहशत में है। वन विभाग को ग्रामीणों ने सूचना दे दी है। बता दें कि जिले में कई स्थानों पर बाघ आतंक मचाए हुए है। एक आदमखोर बाघ कई लोगों पर हमला कर चुका है। कुछ की मौत हो चुकी है और कई बाघ के हमले में घायल हो चुके हैं। वन विभाग आदमखोर बाघ को पकड़ने के लिए जाल बिछाए हुए है लेकिन बाघ उससे काफी दूर है। अब तक वन विभाग का सर्च अभियान भी बेनतीजा रहा। इससे लोगों में आदमखोर बाघ को लेकर दशहत है। वन विभाग के अधिकारी ग्रामीणों को अलर्ट कर चुके हैं।