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Pilibhit News: नोमैंस लैंड के नजदीक खेतों में लगे तार हटाए जाने पर भड़के ग्रामीण

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भारत नेपाल सीमा पिलर नंबर 28 के पास खडे ग्रामीण । संवाद
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कलीनगर। भारत-नेपाल सीमा पिलर नंबर 28 के नजदीक नेपाल की एपीएफ फोर्स द्वारा भारतीय ग्रामीणों द्वारा खेतों के चारों ओर लगाए गए तारों को हटा दिया गया। इससे भारतीय क्षेत्र के ग्रामीण नाराज हो गए। एसएसबी की मौजूदगी में ग्रामीणों की शाही सेना के जवानों से बातचीत हुई। शाही सेना ने करंट छोड़ने से वन्यजीवों को नुकसान पहुंचने की बात कही। तार के बजाय कपड़ा लगाए जाने की सहमति पर दोनों ओर से फोर्स लौट गई। कलीनगर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत भारत-नेपाल सीमा के पिलर नंबर 28 के करीब आठ भारतीय ग्रामीणों ने खेतों के चारों ओर तार लगाए हुए हैं। रमनगरा नंबर चार निवासी सुरेंद्र पाल ने बताया कि वर्ष 1994 में क्षेत्र के लोगों का राजस्व विभाग द्वारा दो-दो एकड़ का कृषि पट्टा किया गया था। नेपाल की शुक्ला फांटा सेंचुरी के नजदीक का इलाका होने के चलते वन्यजीवों की चहलकदमी अधिक होती है। फसलों को नुकसान से बचाने के लिए खेतों के चारों ओर तारबंदी कर दी गई थी। सोलर पैनल के जरिए तार में हल्का करंट भी छाेड़ा जाता है।
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बुधवार को नेपाल की एपीएफ द्वारा डंडों समेत तारों को हटवा दिया गया। जानकारी होने पर एसएसबी के जवान मौके पर पहुंचे। बृहस्पतिवार को शाही सेना के जवान भी मौके पर आ गए। ग्रामीणों ने तार हटाने का विरोध किया। एसएसबी की मौजूदगी में करीब एक घंटा तक बातचीत चलती रही। शाही सेना के जवानों का कहना है कि तार में करंट छोड़ने से गैंडों को नुकसान पहुंच रहा है। खेतों की ओर तार न लगाकर कपड़ा लगाने की बात कही गई। किसान सुरेंद्र, दुलारे, नन्कू, कार्तिक, सुधीर समेत ग्रामीणों का कहना है कि मामले में राजस्व अफसरों से शिकायत की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि विवाद को सुलझाने के लिए पिलर नंबर 28 के निकट जमीन की स्थिति स्पष्ट की जाए। एसएसबी के नगरिया कट इंचार्ज सत्यपाल ने बताया कि सीमा पिलर नंबर 28 के पास तार में करंट होने से नेपाल के वन्यजीवों को नुकसान पहुंचने की बात कहकर तारों को हटाया गया है। इसको लेकर ग्रामीणों को समझाया भी गया है।
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यह है मामला
वर्ष 2020 में सर्वे ऑफ इंडिया और सर्वे ऑफ नेपाल की टीम ने संयुक्त सर्वे किया था। सर्वे के बाद सीमा पिलर नंबर 28 के निकट नेपाल की ओर से दो सब पिलर लगाए गए थे। सब पिलर लगने के बाद करीब तीन सौ एकड़ जमीन का दायरा विवाद में उलझ गया। पूर्व से खेती करते आ रहे भारतीय किसान ही फसल की बोवाई कर रहे हैं, लेकिन उक्त क्षेत्र में नेपाल की दखलंदाजी बढ़ने से इन दिनों परेशानी बढ़ गई है।

भारत नेपाल सीमा पिलर नंबर 28 के पास खडे ग्रामीण । संवाद

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