पीलीभीत। जिला अस्पताल में वसूली का वीडियो वायरल होने के बाद जब जांच शुरू हुई, तो सामने आ कि बाहरी युवक से वसूली कराई जा रही थी, जिससे कि डॉक्टर व स्टाफ पर आंच न आए। टेेक्निशियन के कमरे में बाहरी व्यक्ति गजेंद्र लोगों से वसूली कर रहा था। फिजिशियन के यहां रुपये लेने वाला यूनानी कॉलेज से आया प्रशिक्षु है। सीएमओ ने टेक्निशियन समेत दो चिकित्सकों को नोटिस भेजकर पूछा कि उनकी मौजूदगी में कक्ष में वसूली का खेल कैसे चल रहा था।
जिला अस्पताल में फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने के नाम पर हो रही वसूली का बुधवार को दो वीडियो वायरल हुआ था। सर्टिफिकेट बनवाने के नाम पर युवाओं से ईसीजी से लेकर फिजिशियन तक के यहां चेकअप के नाम पर रुपये वसूले जा रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद अब मामले में लीपापोती हो रही है।
टेक्निशियन शशांक का कहना है कुछ सामान मंगवाया था, उसके बचे हुए रुपये थे। वहीं, फिजिशियन डॉ. रमाकांत सागर का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं। जिस डॉक्टर के कमरे में वसूली हो रही है, वही सिरे से मुकर रहा है। इधर, जब छानबीन की गई तो पता चला कि टेक्निशियन के कक्ष में रुपये लेने वाला गजेंद्र पूर्व में जिला अस्पताल के एक डॉक्टर की गाड़ी चलाता था। इसी दौरान उसका अस्पताल में आना-जाना हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद सीएमएस डॉ. बीएस यादव ने प्रशिक्षु और गजेंद्र के खिलाफ कोतवाली में तहरीर भेजी है। वहीं, टेक्निशियन व फिजिशियन से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
कहां गई तहरीर
वीडियो के वायरल होने के बाद लीपापोती करने के लिए पूरे मामले में एक नया खेल शुरू हो गया। हर कोई जवाबदेही से बच रहा है। प्रभारी सीएमएस का कहना है कि उन्होंने कोतवाली में बुधवार शाम को ही दोनों के खिलाफ तहरीर दे दी थी। इधर, सदर कोतवाली प्रभारी नरेश त्यागी का कहना है कि उन्होंने चार्ज संभाल लिया है। इस तरह की कोई तहरीर उनके संज्ञान में नहीं है न ही कोई मुकदमा दर्ज किया गया है। सवाल यह है कि आखिर तहरीर गई कहां। अगर तहरीर दी है तो पुलिस एफआईआर क्यों दर्ज नहीं कर रही।
ईसीजी रजिस्टर में भी हेराफेरी
जिला अस्पताल में रोजाना करीब 20 से 30 युवा फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने के लिए पहुंच रहे हैं। नियमानुसार ईसीजी भी करवा रहे, लेकिन रजिस्टर पर एंट्री करने में भी खेल किया जा रहा है। दो दिन पूर्व से फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने के लिए कितने युवाओं ने ईसीजी करवाई, इसकी कोई जानकारी दर्ज नहीं की गई। वायरल वीडियो में टेक्निशियन शंशाक भी रुपये लेते हुए कैद हुआ।
यूनानी अस्पताल से आए प्रशिक्षु और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर कराने को तहरीर कोतवाली भेजी गई है। ईसीजी टेक्निशियन और दो चिकित्सकों का स्पष्टीकरण आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. बीएस यादव, प्रभारी सीएमएस