सांसद ने कहा कि अगस्त में कार्य शुरू करने के लिए उन्होंने पत्र भेजा था, इसके बाद भी अनुमोदन नहीं हुआ। इस समस्या को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा लगातार धरना-प्रदर्शन कर रोष व्यक्त किया जा रहा है। पत्र में कहा कि अगर जिम्मेदार अफसरों ने समय रहते गंभीरता नहीं दिखाई तो उन्हें क्षेत्र की जनता के साथ बैठना पड़ेगा। चेनेलाइजेशन के कार्य से क्षेत्र में बाढ़ और कटान की समस्या का स्थाई निराकरण होगा, लेकिन वन विभाग की मनमानी हावी है।