जंगल से बाहर निकल आबादी क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर दो लोगों की बाघ के हमले में जान चली गई। बाघ को पकड़ने के लिए वनकर्मियों की ओर से कराई जा रही कांबिंग में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए पुलिस महकमा की ओर से अतिरिक्त पीएसी बल जिले को मुहैया कराया गया है। एसपी की मांग पर आईजी कानून व्यवस्था ने दो प्लाटून पीएसी जनपद को दी है। पीएसी की यह टुकड़ी तेरह जून तक जिले में ही रहेगी। अमरिया क्षेत्र में सोमवार को डगा गांव निवासी तसलीम अहमद और दूसरे ही दिन किसान शमशुल को बाघ ने अपना शिकार बना लिया। जिसके बाद से ग्रामीणों में बाघ की दहशत के साथ ही उसके न पकड़े जाने को लेकर आक्रोश है। ऐसे में सही तरीके से कांबिंग कराई जा सके, इसके लिए एसपी कलानिधि नैथानी ने मंगलवार शाम को आसईजी कानून व्यवस्था से एक कंपनी पीएसी की मांग की थी। जिसमें बाघ के हमलों को लेकर शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने को कारण बताया गया था। एसपी की ओर से की गई इस मांग को उच्चाधिकारियों ने स्वीकार किया है। एसपी ने बताया कि जनपद को दो प्लाटून पीएसी दी जा रही है। यह तेरह अगस्त तक के लिए दी गई है। इसकी मदद से वनकर्मियों द्वारा खेतों में कांबिंग कराकर बाघ को पकड़ने का प्रयास किया जाएगा। कांबिंग के दौरान भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए पीएसी और पुलिस बल पर्याप्त संख्या में रहेगा।