दिनभर की कांबिग के बीच शाम को बाघ दुबारा सैजनिया गांव से निकलकर रंपुरा गांव में गन्ने के खेत में छिप गया। वन विभाग के कर्मचारियों ने खेत को जाल लगाकर घेर लिया। हाथियों को खेत में ले जाकर बाघ को बेहोश कर पकड़ने का प्रयास किया जा रहा था तभी बाघ ने हाथियों पर झपट्टा मारने की कोशिश की। इसके बाद हाथियों ने बाघ को खेतों में दौड़ाया। इस बीच बाघ खेत पर लगाए गए जाल को फाड़कर बाहर निकल गया। इधर पहले से ही ग्रामीणों की भीड़ जुटी हुई थी। भीड़ भी बाघ की ओर दौड़ पड़ी। बाघ दूसरे खेत में जाकर छिप गया। करीब आधा किलोमीटर की दूरी पर बसे दोनों गांवों के बीच गन्ने की फसलों में बाघ की लुकाछिपी जारी है। उसे पकड़ने की कोशिश में वनकर्मी अब तक सफल नहीं हुए हैं। एक बात स्पष्ट हो गई है कि बाघ दूर नहीं निकला है, आसपास के इलाके में ही है। एसडीओ केपी सिंह ने बताया कि बाघ के हाथियों पर हमला करने की जानकारी तो नहीं मिली है, लेकिन हाथियों के दौड़ाने पर खेत में लगा जाल फाड़कर बाघ के निकलने की सूचना आई है। सैजनिया और रंपुरा के बीच गन्ने के खेतों में बाघ छिपा है। उसको पकड़ने के लिए कांबिंग कराई जा रही है। अब तक तीन खेत चेक किए जा चुके हैं, अभी कोई सफलता नहीं मिल सकी है।