मौके पर यदि पुलिस हस्तक्षेप न करती तो कुछ भी हो सकता था।
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ट्रेनों में हो रहे महिला अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे पुलिस में पहली बार चार महिला कांस्टेबिलों की तैनाती की गई। हालांकि यह तैनाती अस्थाई है।
रेलवे स्टेशन व ट्रेनों में होने वाले अपराधों में महिला अपराधियों के पकड़े जाने पर रेलवे पुलिस को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। महिला रेल यात्री के संदिग्ध होने की दशा में भी रेलवे पुलिस मूक दर्शक ही बनी रहती थी। इसके पीछे वजह महिला पुलिस का न होना था। छोटे मोटे मामलों में तो रेलवे पुलिस बिना कोई कार्रवाई समझौता करवाकर महिला अपराधियों को छोड़ देती थी। उधर, एसपी जीआरपी सोनिया सिंह के निर्देश पर जीआरपी थाने को चार महिला कांस्टेबिल उपलब्ध कराई गई हैं। एसओ जीआरपी अनंतराम राव ने बताया कि एसपी के निर्देश पर अदिति शर्मा, पुष्पा पांडेय, मायादेवी व सुमन पांडेय महिला कांस्टेबिल को यहां मेला ड्यूटी तक तैनात किया गया है। इसमें अदिति शर्मा सीसीटीएनएस (क्राइम एंड कंट्रोल ट्रेकिंग नेटवर्क सिस्टम) एक्सपर्ट भी है। बताया कि इनमें दो-दो महिला कांस्टेबिलों को दिन व रात में ड्यूटी लगाई गई है। इनकी तैनाती से महिला अपराधों पर अंकुश लगाने में खासी मदद मिल सकेगी।