बीसलपुर। बरेली के नवाबगंज थाने की पुलिस ने सोमवार शाम नगर के सराफा मार्केट से एक सराफ को चोरी के जेवर खरीदने के आरोप में पकड़ लिया। पुलिस उसे ले जाने लगी तभी व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया। इसे लेकर व्यापारियों की पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई, लेकिन व्यापारियों ने सराफ को नहीं ले जाने दिया।
बीसलपुर के सराफा मार्केट की एक दुकान पर दबिश देने आए नवाबगंज थाने के उपनिरीक्षक रामकुमार लहरी ने बताया कि नवाबगंज के प्रमोद ज्वेलर्स की दुकान से सोमवार दोपहर तीन महिलाओं ने जेवर चुरा लिए थे। दुकानदार ने शक के आधार पर दुकान पर बैठे सभी ग्राहकों के साथ तीनों महिलाओं की तलाशी ली थी। तलाशी में चुराए गए जेवर महिलाओं के पास से मिल गए। इसी बीच सराफ ने फोन कर पुलिस को बुला लिया था।
सराफ ने पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। यह भी बताया कि 22 अगस्त 2022 को भी उनकी दुकान से कुछ जेवर चोरी हो गए थे। उन्हें यकीन है कि उस वक्त भी जेवर इन्हीं महिलाओं ने चुराए थे। पुलिस ने जब उन महिलाओं से सख्ती से पूछताछ की तो महिलाओं ने बताया कि पिछले साल 22 अगस्त को चुराए जेवर उन्होंने बीसलपुर में एक सराफ के यहां बेचे थे।
नवाबगंज पुलिस ने तीनों महिलाओं को साथ लेकर बीसलपुर में दबिश दी और महिलाओं की निशानदेही पर सराफा मार्केट एक सराफ को पकड़ लिया। नवाबगंज पुलिस जब सराफ को अपने साथ ले जानी लगी तभी तमाम व्यापारी वहां आ गए और पुलिस का विरोध करने लगे। व्यापारी नेता दीपक अग्रवाल ने कहा कि सराफ पर चोरी के जेवर खरीदने का आरोप सरासर गलत है। वह चोरी का कोई माल नहीं खरीदता है। व्यापारी पुलिस से भिड़ गए।
व्यापारियों ने साफ कहा कि वह किसी भी हालत में सराफ को नहीं ले जाने देंगे। इसे लेकर पुलिस से व्यापारियों की तीखी नोकझोंक भी हुई। व्यापारियों के सख्त तेवर देखते हुए पुलिस ने सराफ को छोड़ दिया और लौट गई। सराफ के चोरी का जेवर बेचने की बात कहने वाली महिलाओं में दो जहानाबाद और एक बरखेड़ा की बताई जा रही है।