पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में आने वाले सैलानियों के लिए अभी तक चूका बीच व बाइफरकेशन ही आकर्षण का केंद्र था। लेकिन अब ब्रिटिश काल के बने सप्तसरोवर (सात झाल) में भी पर्यटक पहुंचने शुरू हो गए हैं। इनके पास सेल्हा गांव में भी पर्यटकों को लुभाने के लिए व्यवस्था की जा रही है। गांव के पांच घरों का चयन किया गया है। हर घर में बंगाली तर्ज पर दो-दो हटनुमा कमरे बनाए जाएंगे।
पीटीआर का पर्यटन सत्र 15 नवंबर से शुरू होता है। छह माह तक के सत्र के दौरान सैलानियों केलिए केवल चूका बीच ही खास रहता है। हालांकि जंगल में कई ऐसे इलाके भी हैं, जहां पर्यटन को आसानी से बढ़ाया जा सकता है। सप्तसरोवर की भी अलग पहचान है। सुविधाओं का अभाव होने के बाद भी सैलानी यहां पहुंचते हैं। अफसरों ने मंथन के बाद सप्तसरोवर को विकसित करने का निर्णय लिया। दो माह पूर्व से सप्तसरोवर में बनी हटों को विकसित करने के साथ जंगल और वन्यजीवों को निहारने के लिए वाच टावर बनाने का काम शुरू किया गया है। सप्तसरोवर के सातों तालाबों को भी सजाया जा रहा है।
विलेज पर्यटन से जुड़ेगा सेल्हा गांव, समिति करेगी संचालन
सप्तसरोवर क्षेत्र में सैलानियों की आमद तो होती है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में अव्यवस्थाएं ज्यादा हावी रहती हैं। ऐसे में अफसरों ने सप्तसरोवर सेसटे इलाके में बसे सेल्हा गांव को विलेज पर्यटन से जोड़ने की कवायद शुरू की है। इसके लिए वन समिति से जुड़े सदस्यों को आगे किया गया है। सेल्हा गांव में जिन पांच घरों को पर्यटकों के ठहरने के लिए चुना जाएगा, वहां खाने पीने की व्यवस्था के लिए कैंटीन भी शुरू की जाएगी। व्यवस्थाओं की सारी जिम्मेदारी समिति के अधीन होगी।
ग्रामीणों को कराया हल्द्वानी के विलेज पर्यटन से कराया रूबरू
विलेज पर्यटन को सफल बनाने के लिए विभाग ने समिति से जुड़े 20 लोगों को पिछले दिनों हल्द्वानी का भ्रमण कराया। हल्द्वानी के कुछ इलाकों में विलेज पर्यटन की कवायद जोरों पर है। यहां घरों को हट का रूप दिया गया है। भ्रमण के दौरान समिति के सदस्यों ने संचालकों से रूबरू होकर पर्यटन को सफल बनाने के तौर तरीके समझे।
शहद पालन शुरू करने पर भी मंथन
सप्तसरोवर क्षेत्र में शहद पालन को शुरू करने पर भी जोर दिया जा रहा है। अफसरों ने मंथन कर इसकी रूपरेखा भी बना ली है। सेल्हा और सप्तसरोवर में आने वाले सैलानी न सिर्फ मधुमक्खी पालन के तरीके को देखेंग,े बल्कि शहद भी खरीद सकेंगे।
सप्तसरोवर पर विकास कार्यों के साथ उससे सटे सेल्हा गांव को भी पर्यटन से जोड़ा जा रहा है। यहां पांच घरों में दो-दो हटों की तर्ज पर कमर तैयार किए जा रहे हैं। -नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर