बाइफरकेशन पुल की रैलिंग पर की गई पेंटिंग। संवाद
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पीलीभीत। राज्यपाल के दौरे से किसी को फायदा हुआ हो या नहीं हुआ हो लेकिन चूका और बाइफरकेशन का कायाकल्प जरूर हो गया है। पर्यटन सत्र 15 नवंबर को शुरू हो गया था लेकिन राज्यपाल के तीन दिवसीय दौरे से बाइफरकेशन और चूका का कोना-कोना चमक उठा है।
बाइफरकेशन पुल पर हॉटमिक्स सड़क के कारण अब सैलानियों की गाड़ी को एक हिचकोला तक नहीं लग सकेगा। नहरों के किनारे गंदी पड़ी रेलिंग भी चमक रही है तो रंगाई-पुताई कर पिचिंग को भी चमका दिया गया है। ऐसे ही गेस्ट हाउस के बाहर का बगीचा भी बाइफरकेशन की रौनक को बढ़ा रहा है।
15 नवंबर से पर्यटन सत्र शुरू होने पर पीटीआर ने तैयारियां तो की लेकिन सिर्फ औपचारिकता दिखी। बाइफरकेशन आने वाले सैलानियों के लिए नहरों के जाल काफी मनोहर होता है। बावजूद इसके नहरों के किनारों और पिचिंग पर विभाग ने कभी ध्यान नहीं दिया था। यहां सड़क पर कई जगह गड्ढे थे। अब यह इलाका चमन हो गया है। साफ-सफाई से लेकर सड़कें, लाइटिंग, पेंटिंग सब कुछ कराया गया है। यहां तक कि बाइफरकेशन में पुल के नीचे की पिचिंग पर करीब 20 साल बाद रंगाई हुई है। किनारे पर पड़े पत्थर यानी रेलिंग पर भी पेंटिंग कर दी गई है। बाइफरकेशन गेस्ट हाउस के ठीक सामने शारदा मेन कैनाल सूखी पड़ी थी। अब उसमें भी पानी दिखाई दे रहा है। यही नहीं गेस्ट हाउस का पार्क भी बेहद खूबसूरत बना दिया गया है।
बनवसा मेन कैनाल, सबसीडरी, हरदोई ब्रांच और खीरी ब्रांच नहर के दोनों ओर सौ मीटर तक पेटिंग करके इसे भी नया रूप दे दिया गया है। राज्यपाल के जाने के दूसरे दिन 150 पर्यटक बाइफरकेशन और चूका पहुंचे। इनमें जो लोग पहले यहां आ चुके थे उन्होंने भी माना इस बार यहां सब बदला-बदला है।