चीनी मिलें खरीदे गए गन्ना मूल्य का भुगतान समय से नहीं कर पा रहीं हैं। भुगतान में बरखेड़ा चीनी मिल सबसे फिसड्डी है। पीलीभीत की एलएच और गुलरिया चीनी मिल गन्ना मूल्य भुगतान में आगे हैं। सहकारी गन्ना समिति के सचिव टीएन त्रिवेदी ने बताया कि 31 दिसंबर तक पीलीभीत की एलएच चीनी मिल ने 3.15 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा। 971.54 लाख रुपये में 23 दिसंबर तक का भुगतान किया। अब पीलीभीत चीनी मिल पर 234.47 लाख रुपये गन्ना मूल्य किसानों का बकाया है। बरखेड़ा चीनी मिल ने 1.39 लाख क्विंटल खरीदा। 14 नवंबर तक खरीदे गए गन्ना मूल्य का 23.76 लाख रुपये भुगतान किया। पलिया चीनी मिल ने 2.14 लाख गन्ना खरीदा। 1.32 लाख रुपये गन्ना मूल्य भुगतान किया। 640.27 लाख गन्ना मूल्य बकाया है। मकसूदापुर चीनी मिल ने 2.14 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा। 19 नवंबर तक खरीदे गए गन्ना का 119.94 लाख रुपये गन्ना मूल्य भुगतान किया। गुलरिया चीनी ने 2.45 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा। 23 दिसंबर तक खरीदे गए गन्ना का 608.55 लाख रुपये गन्ना मूलय भुगतान किया। चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक एएस पोरस ने बताया कि 14 दिसंबर तक खरीदे गए गन्ना के भुगतान की एडवाइज बैंक शाखाओं को भेजी गई है। नियमानुसार गन्ना किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान हो। इसके प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दो जनवरी तक चीनी मिल 7.36 लाख क्विंटल गन्ना की पेराई कर 57010 क्विंटल चीनी बना चुकी है। उधर, सहकारी गन्ना समिति के सचिव टीएन त्रिवेदी ने बताया कि निर्धारित समय के अंदर गन्ना मूल्य भुगतान न करने वाली चीनी मिलों को शीघ्र ही दोबारा नोटिस जारी किया जाएगा।