फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बढ़ती संख्या और पर्याप्त भोजन न मिलने पर बाहर आ रहे बाघ

Tue, 04 Jul 2017 10:42 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
विज्ञापन
विज्ञापन
टाइगर रिजर्व बनने के बाद जंगल में बाघों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है जो शुभ संकेत है लेकिन जंगल में इनके माकूल व्यवस्थाएं न होने से बाघ कभी भोजन की तलाश में तो कभी अपने बच्चों को सुरक्षित बचाने के लिए जंगल से बाहर आ रहे हैं। जंगल के बाहर गन्ने के रूप में मिल रहा प्राकृतिक वास भी इसमें सहायक हो रहा है। तीन साल पहले टाइगर रिजर्व की स्थापना के समय बाघों की संख्या लगभग 40 मानी जा रही थी जो अब बढ़कर 55-60 के बीच पहुंच चुकी है। टाइगर रिजर्व बनने के बाद बाघों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। प्राय: बाघ कोर एरिया में रहता है लेकिन बच्चे होने पर बाघिन बच्चों को बचाने के लिए कोर एरिया छोड़कर बफर जोन में आती है। चूंकि बफर जोन में चारागाह आदि का प्रबंधन न होने के चलते तृणभोजी जीव जंगल से लगे खेतों की ओर आते हैं इसलिए बाघिन भी इन तृणभोजी वन्यजीवों के पीछे जंगल से बाहर आ जाती है। बाघिन के पीछे कभी कभी बाघ भी आ जाते हैं। दूसरा जंगल से बाहर आने पर गन्ने के खेत बाघ के प्राकृति वास (नरकुल) के रूप में उन्हें मिल जाते हैं इसलिए वह इनमें रहने लगते हैं।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें