पीलीभीत। जंगल से बाहर बाघों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। बुधवार रात चहलकदमी कर रहे एक बाघ ने माधोटांडा कस्बे में आबादी के सौ मीटर की दूरी पर दो पशुओं पर हमला कर शिकार किया। इसके बाद ग्रामीण दहशत में हैं। बाघ के कुछ दूरी पर नहर क्षेत्र में होने का अनुमान लगाया जा रहा है। सामाजिक वानिकी की टीम ने पगचिह्न ट्रेस कर निगरानी बढ़ा दी है।
65 से अधिक बाघों की मौजूदगी से देश में पहचान बनाए पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के जंगल का दायरा अब वन्यजीवों की चहलकदमी के लिए कम साबित हो रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक बढ़ती बाघों की संख्या के चलते जंगल का दायरा बढ़ाने पर ध्यान देने की जरूरत है। आम दिनों में जंगल से बाहर बाघों की मौजूदगी आम बात है, लेकिन ठंड में कई कारणों से बाघों की सक्रियता बढ़ जाती है। पैर की गादी फटने से बाघों को जंगल में चहलकदमी में दिक्कत होती है। इसके कारण वह आबादी की ओर निकल आते हैं।
माधोटांडा में खारजा नहर क्षेत्र से होकर पहुंचे बाघ ने दो छुट्टा पशुओं का शिकार कर लिया। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को ठोस उपाय करने चाहिए, नहीं तो कभी भी बड़ी घटना हो सकती है। वन दरोगा अजमेर सिंह ने बताया कि टाइगर ट्रेकर कंधई लाल और मुन्ने खा समेत टीम के साथ निगरानी की जा रही है। बाघ खारजा नहर क्षेत्र से होकर यहां तक पहुंच गया। इसकी जानकारी अफसरों को भी दी गई है। दरअसल जिले के कई इलाकों में इस समय तीन से चार बाघों की मौजूदगी देखी जा रही है।
नहर पटरी पर अक्सर रहती है हिंसक जीवों की मौजूदगी
शारदा डैम से निकलने वाली खारजा नहर बराही के जंगल के बीच से होकर माधोटांडा कस्बे के नजदीक से गुजरती है। नहर क्षेत्र में झाड़ियां खड़ी होने से जंगल जैसा वातावरण रहता है। इसके कारण बाघ समेत अन्य हिंसक वन्यजीवों की शुरुआत से ही मौजूदगी देखी जाती रही है। कई बाघ और तेंदुए के नहर क्षेत्र में हल्दीडेंगा के पास शव भी मिलते रहे हैं।
खेत में नील गाय का मिला शव, बाघ हमले का शोर
बरखेड़ा। क्षेत्र गांव डडिया रांझे में बृहस्पतिवार को आबादी के 500 मीटर दूर खेत में नील गाय का शव मिला। ग्रामीणों ने बाघ के हमला करने की संभावना जताकर वन विभाग को सूचना दी। टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की, लेकिन बाघ के पगचिह्न नहीं मिल सके। वन दरोगा सुरेश कुमार ने बताया कि सामाजिक वानिकी के अलावा वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया की टीम भी मौके पर पहुंची। शव को देखकर नहीं लग रहा है कि बाघ ने हमला किया होगा। आसपास कहीं बाघ के पैरों के निशान भी नहीं मिले हैं। क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। संवाद