गजरौला (पीलीभीत)। थाना गजरौला की माला रेंज की चौकी रिछोला के पास एक फार्म हाउस से 200 मीटर की दूरी पर बने बिना दरवाजे के मकान से गुरुवार देर रात एक बाघ रजाई समेत मालिक को उठा ले गया। आहट होने पर नौकर बाहर निकला तो बाघ ने उसे भी निवाला बना डाला। सुबह परिवार वालों ने जाकर देखा तो दोनों गायब थे। पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दोनो के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
रिछोला फॉर्म से लगभग 200 मीटर की दूरी पर नरेंद्र सिंह पुत्र अक्षर सिंह ने एक मकान बना रखा है। इसमे दरवाजा नहीं लगा है। यहां निंदर सिंह पुत्र अक्षर सिंह और उनका नौकर डोरी लाल निवासी ढेरम मंडरिया थाना गजरौला रात में यहां सो रहे थे। देर रात बाघ अचानक निंदर सिंह को रजाई समेत बिस्तर से उठा ले गया। उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर उनका नौकर डोरीलाल उठा। तो उसके ऊपर भी टाइगर ने हमला कर दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
रोजाना की भांति सुबह 4:00 बजे जब दोनों अपने घर नहीं आए। तो छोटा बेटा हरदीप सिंह उस मकान पर गया। वहां दोनों लोग नहीं थे।आसपास में देखने पर चीख-पुकार मच गई। इसके बाद परिजन भी उठ गए, और दोनों को ढूंढना शुरू कर दिया। कुछ दूर जाकर देखा तो खेत में डोरीलाल की लाश पड़ी थी। मृतक के भाई सरबजीत सिंह ने वन विभाग को सूचना दी।
परिजनों का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी वन विभाग के अफसर मौके पर नहीं पहुंचे। वह जंगल की तरफ चले गए। इसके बाद पुलिस चौकी पर फोन किया गया तो सीओ सिटी, तहसीलदार, डीएफओ समेत आला अधिकारी मौके पर पहुंचे।
परिवार में निंदर सिंह के अलावा उनके तीन बच्चे दलबीर सिंह, गुरप्रीत सिंह, तथा हरदीप सिंह व एक पुत्री कुलदीप कौर है। दलबीर सिंह बाहर फैक्टरी में मजदूरी करते हैं। गुरप्रीत सिंह ट्रक ड्राइवर हैं। तीसरा पुत्र हरदीप सिंह कक्षा 7 में पढ़ाई करता है। एक बेटी कुलदीप कौर की शादी हो चुकी है। उधर डोरी लाल का एक पुत्र शेखर है। उसकी उम्र 2 वर्ष है। उसकी मां का नाम जनुकादेवी है। वह मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता है।