कस्बा निवासी नूर खां की एक भैंस को बृहस्पतिवार को खारजा नहर के किनारे खेत में घास चरते समय बाघ ने मार दिया था। लोगों के शोर मचाने पर बाघ भैंस को छोड़कर भाग गया था। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने भैंस का शव दूसरे स्थान पर ले जाकर दफन करा दिया था। इसके बाद से बाघ उस स्थान पर लगातार आ रहा है। शनिवार शाम और रविवार सुबह भी बाघ की चहलकदमी देखी गई। बाघ के बार बार आने से ग्रामीण खेतों पर जाने से घबरा रहे हैं। वहीं सामाजिक वानिकी के दो कर्मचारी लगातार घटना स्थल के आसपास बाघ की निगरानी कर रहे हैं। बाघ की निगरानी के दौरान ही वनकर्मियों ने खेत और खारजा नहर पटरी पर बाघ के पग मार्क ट्रेस किए हैं। सामाजिक वानिकी के क्षेत्राधिकारी हसीब अहमद ने बताया कि बाघ जंगल में वापस नहीं गया है। उसकी निगरानी की जा रही है। क्षेत्र के लोगों से उस तरफ न जाने की अपील की जा रही है।