बृहस्पतिवार को सुबह कलीनगर बाइफरकेशन मार्ग पर राहगीरों ने हरदोई ब्रांच की दो मील झाल पर एक नर बाघ का शव फंसा देखा। सूचना पर डीएफओ कैलाश प्रकाश, डीएफओ सामाजिक वानिकी आदर्श कुमार, एसडीओ डीपी सिंह व बराही रेंजर मोहम्मद शहनियाज व पूरनपुर रेंजर हसीन अहमद सहित तमाम वनाधिकारी मौके पर पहुंचे और झाल में फंसे बाघ के शव को ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला गया। निरीक्षण के बाद डीएफओ कैलाश प्रकाश ने बताया कि उसके सभी अंग सुरक्षित हैं। उन्होंने उसकी उम्र करीब पांच साल बताई। शरीर पर कोई चोट या घाव न होने पर अधिकारी मौत का कारण जानने का प्रयास करते रहे लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। आशंका व्यक्त की जा रही है कि उसकी जहर देकर हत्या की गई है। हालांकि वन विभाग के अधिकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पहले इस संबंध में कुछ भी कहने से बचते रहे। बाद में बाघ के शव को प्रभागीय कार्यालय लाया गया। यहां डीएम ओएन सिंह ने भी पहुंचकर बाघ के शव को देखा और वन विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली। इसके बाद करीब एक बजे बाघ को पोस्टमार्टम के लिए बरेली स्थित आईवीआरआई भेज दिया गया। डीएफओ कैलाश प्रकाश ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।