अमरिया क्षेत्र में बाघ के पग चिह्न ट्रेस करतीं वन दारोगा सोनिया सिंह।
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अमरिया/पीलीभीत। भक्तनिया फार्म के पास बृहस्पतिवार को एक बाघ ने धान के खेत में जानवर का शिकार किया था। इसके बाद गन्ने के खेत में छिप गया। इसके बाद अभी तक गन्ने के खेत में बाघ ढेरा जमाए हुए है। कई बार ग्रामीणों ने बाघ को निकलते देखा। वन विभाग की टीम पगचिह्न ट्रेस कर बाघ की निगरानी किए हुए है।
अमरिया तहसील क्षेत्र में लंबे समय बाद फिर बाघों की चहल कदमी शुरू हो गई है। हालांकि जिस स्थान पर बृहस्पतिवार को बाघ ने जानवर को निवाला बनाया, वह स्थान उत्तराखंड की सीमा से जुड़ा हुआ है। इससे बाघ उत्तराखंड से आने की अनुमान लगाया जा रहा है। किसान सौदागर सिंह के फार्म से उनके ही गन्ने के खेत में सिर्फ 100 मीटर की दूरी पर बाघ पिछले तीन दिनों से डेरा जमाए हुए है।
शुक्रवार को बाघ कई बार गन्ने के खेत से बाहर निकला था। बाघ को बाहर निकलते समय किसान हरपाल सिंह और राम कुमार ने देखा था। शनिवार को भी बाघ ग्रामीणों ने देखा। वन दारोगा सोनी सिंह ने बाघ के पग चिह्न ट्रेस किए। इसके बाद बाघ की लोकेशन के बारे में जानकारी की। ग्रामीणों को सर्तक रहने और झुंड बनाकर निकले की सलहा दी। टीम लगातार बाघ की निगरानी किए हुए है।
गन्ने के खेत में बाघ तीन दिन से डेरा जमाए हुए है। एक जानवर का भी शिकार किया था। वन कर्मी निगरानी किए हुए है। ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है। उत्तराखंड की ओर से आया है। उम्मीद है कि उधर ही वापस चला जाएगा। - सोनी सिंह, वन दारोगा
भक्तनिया फार्म के पास मिले बाघ के पग चिह्न।- फोटो : PILIBHIT