पंडरी गांव में मौका मुआयना करते वन अफसर।
न्यूरिया। जंगल से बाहर आकर आबादी क्षेत्र में पहुंचे बाघ ने घर के अंदर बंधी गाय को दबोच लिया और खींचकर ले गया। आहट पर जब ग्रामीणों ने टार्च की रोशनी में देखा तो बाघ गाय को मारकर खा रहा था। ग्रामीणों ने हो हल्ला कर बाघ को भगाया। दहशत के चलते ग्रामीण पूरी रात सो न सके। सुबह वन विभाग की टीम ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की है।
क्षेत्र के गांव पड़री के रहने वाले भजनलाल ने बताया की बुधवार की सुबह करीब तीन बजे अपने घर में लेटे हुए थे, तभी उन्हें बाघ के गाय पर हमला करने का एहसास हुआ। उन्होंने जब टॉर्च जलाकर देखा तो बाघ गाय को अपना शिकार बना चुका था। भजन के शोर मचाने पर ग्रामीणों ने शोर मचाकर बाघ को बमुश्किल भगाया।
गांव में बाघ होने की ग्रामीणों ने सूचना वन विभाग को दी। सूचना पर सामाजिक वानिकी के डिप्टी रेंजर शेर सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल की। भजनलाल ने वनाअधिकारी को बताया अगर गाय पास में नहीं होती, तो वह हम लोगों को ही अपना निशाना बनाता। क्योंकि हमारे घर के नजदीक ही बाघ बैठा था। सामाजिक वानिकी के डिप्टी रेंजर ने बताया कि घटना से महोफ जंगल की दूरी दो किलोमीटर है। शिकार की गई गाय का न्यूरिया पशुचिकित्सालय में पोस्टमार्टम कराया गया है।
पंडरी गांव में मौका मुआयना करते वन अफसर।