वीरखेड़ा गांव में बाघ की मौजूदगी के चलते घर के बाहर लगाया जाल । स्रोत - टीम
कलीनगर। खन्नौत नदी में डेरा जमाने के बाद बाघ फिर पुराने रास्ते की ओर लौट आया। शुक्रवार की सुबह वीरखेड़ा गांव की सीमा में एक घर के नजदीक बाघ की मौजूदगी दिखाई दी। सुरक्षा के लिहाज से सामाजिक वानिकी की टीम में घर के चारों ओर जाल लगाकर निगरानी बढ़ा दी गई है।
जंगल से बाहर कलीनगर तहसील क्षेत्र में बाघ की चहलकदमी जारी है। पिपरिया संतोष गांव से निकलकर वीरखेड़ा, चांदूपुर से होकर खन्नौत नदी के क्षेत्र में पहुंचे बाघ ने फिर वापसी का रुख तय किया। शुक्रवार सुबह बाघ वीरखेड़ा गांव की सीमा में दिखाई दिया। किसान गुरजिंदर सिंह के घर के पचास मीटर दूर गन्ने के खेत में बाघ की मौजूदगी देखने से परिजन में दहशत फैल गई। मौके पर भीड़ एकत्र हो गई।
जानकारी के बाद सामाजिक वानिकी की टीम मौके पर पहुंच गई। अफसरों को स्थिति से अवगत कराया गया। इसके बाद घर को सुरक्षित रखने के लिए जाल मंगाया गया। चारों ओर जाल लगाकर निगरानी बढ़ा दी गई है। बाघ की मौजूदगी से परिजन में दहशत है। रेंजर पियूष मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि बाघ की निगरानी जारी है।
तेंदुए ने नीलगाय को मार डाला
पूरनपुर। गांव दुधियाखुर्द के समीप तेंदुए ने नीलगाय को मार डाला। नीलगाय का शव एक गन्ने के खेत के समीप पड़ा देख कुछ लोगों ने इसकी सूचना वन एवं वन्य जीव प्रभाग के अफसरों को दी। डिप्टी रेंजर कपिल कुमार ने बताया कि सूचना पर कर्मचारियों को मौके पर भेजा था। जांच में तेंदुए के हमला में नीलगाय का मरना पाया गया। उसके शव को दफना दिया गया है। आसपास के लोगों को तेंदुए की चहलकदमी पर सतर्क रहने को कहा गया है। संवाद