संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। जिले के प्राचीन धार्मिक स्थलों को पर्यटन के रूप में संवारने के लिए शासन ने 4.2 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों का इस धनराशि से कायाकल्प किया जाएगा। तीनों स्थलों पर 1.40-1.40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विकास कार्य पूरे होने के बाद इन स्थलों पर श्रद्धालुओं के साथ पर्यटकों के आवागमन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम करोड़ स्थित प्राचीन गौरी शंकर मंदिर के विकास पर 1.4 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यहां बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण कराया जाएगा, इसके अलावा प्रकाश व्यवस्था, सुलभ प्रसाधन, पेयजल, साइनेज, क्यूआर कोड, यात्री बेंच और लैंडस्केपिंग समेत कई कार्य कराए जाएंगे। जिससे मंदिर परिसर अधिक व्यवस्थित व श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक हो सकेगा। इसी तरह पूरनपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम घुंघचिहाई स्थित प्राचीन शिव एवं राम मंदिर का भी 1.4 करोड़ रुपये से जीर्णोद्धार कराया जाएगा। मंदिर की पुरानी मान्यता के चलते यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। आसपास के क्षेत्रों के अलावा दूरदराज से भी लोग दर्शन के लिए आते हैं। विकास कार्यों के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। वहीं दियूरियाकलां क्षेत्र के ग्राम इलावास देवल स्थित प्राचीन स्थल को भी पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। यहां पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की टीम के निरीक्षण के बाद प्राचीन धरोहर होने की बात सामने आई थी। अब स्थल पर फर्श, बैठने की व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर किया जाएगा। डीएम आलोक कुमार ने बताया इन कार्याे की मंजूरी मिली है। इनको बेहतर तरीके से कराने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।