पीलीभीत के अमरिया क्षेत्र में विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते भट्ठा स्वामी ने लगभग एक एकड़ भूमि में मानक से अधिक गहराई तक मिट्टी का खनन करा लिया। बारिश होने के बाद गड्ढे में पानी भरा तो बच्चे उसमें नहाने पहुंच गए और जान गंवा दी। जब भी इस तरह का कोई हादसा होता है, तब जिम्मेदार जांच कर कार्रवाई की बात कहते हैं, लेकिन फिर सब कुछ पहले की तरह ही चलने लगता है।
अमरिया क्षेत्र के गांव कैंचू टांडा निवासी रानू पुत्र छोटन, अयान पुत्र नाजिम, मुस्तकीम पुत्र भूराशाह और शानू पुत्र छोटन मंगलवार शाम गांव के पास स्थित भट्ठे के गड्ढे में भरे बारिश के पानी में नहाने गए थे। गड्ढे की गहराई अधिक होने के कारण चारों बच्चे डूबने लगे। रानू, अयान और मुस्तकीम की मौत हो गई। शानू को बचा लिया गया। घटना से परिवार में चीख-पुकार मच गई। वहीं प्रशासन और भट्ठा स्वामी के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश था।
चचेरे-तहेरे भाई थे मृतक
तीनों बच्चे आपस में चचेरे-तहेरे भाई थे। उनके पिता आपस में सगे भाई हैं। तीन बच्चों की मौत से परिवार में तो कोहराम मचा ही है, गांव में भी सन्नाटा पसरा है।
तीन बहनों का इकलौता भाई था अयान
अयान तीन बहनों का इकलौता भाई था। तीनों बहनें उससे छोटी हैं। हादसे के बाद से मां शहनाज बेसुध है। वहीं, पिता के चेहरे पर भी इकलौते बेटे को खोने का दर्द साफ झलक रहा है। परिवार में भट्ठा संचालक के खिलाफ बेहद गुस्सा है।
भट्ठा संचालक नियमों की करते हैं अनदेखी
यह कोई पहला मामला नहीं है। भट्ठा संचालकों की अनदेखी के चलते कई बार हादसे हुए हैं। भट्ठा संचालक खनन और राजस्व विभाग के अधिकारियों से सांठगांठ कर मानक से अधिक गहराई तक मिट्टी का खनन कर लेते हैं। इससे जानलेवा गहरे गड्ढे हो जाते हैं। बारिश का पानी भर जाने पर लोगों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं हो पाता है और वे हादसे का शिकार हो जाते हैं।
हलका लेखपाल को अवैध खनन की जानकारी रहती है, लेकिन वे भी चंद रुपये की खातिर लोगों की जिंदगियों को दांव पर लगा देते हैं। मंगलवार को इसी तरह के एक गड्ढे में एक ही परिवार के तीन बच्चों के डूबने से मौत हो गई। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी अवैध खनन करने वाले भट्ठा संचालकों पर कार्रवाई के प्रति गंभीर होने के बजाय खुद को बचाने की कोशिश में लगे हैं।